जम्मू विश्वविद्यालय में छात्र बेखौैफ तरीके से कंप्यूटर साइंस और अन्य विषयों की प्रैक्टिकल पढ़ाई करेंगे
जम्मू । जम्मू विश्वविद्यालय में डिजाइन योअर डिग्री यूजी प्रोग्राम सभी कठिन विषयों के साथ गणित और कंप्यूटर साइंस को आसान बनाएगा। कठिन विषय समझने में छात्रों को आसानी होगी। नए इनोवेटिव कोर्स में छात्र प्रैक्टिकल तरीके से पढ़ाई करेंगे। इस पाठ्यक्रम में थ्योरी को कम और प्रेक्टिकल को अधिक महत्व दिया गया है।
आधुनिक प्रौद्योगिकी को ध्यान में रखते हुए परियोजना आधारित पढ़ाई करने का प्रावधान रखा गया है। इसके बाद छात्रों की क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। उन्हें समूह के हिसाब से 70 फीसदी और हर एक विद्यार्थी को 30 फीसदी अंक दिए जाएंगे। जम्मू विश्वविद्यालय के गणित विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर कुलदीप सिंह चाढ़क ने कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों को प्रेक्टिकल तरीके से सूत्र समझाएगा। यहां उन्हें मुश्किल चीज भी आसानी से समझ आएगी। इससे उनका कम्यूनिकेशन स्किल मजबूत होगा।
दो साल मूल ज्ञान करेंगे छात्र प्राप्त
शुरू के दो साल में छात्र जीव विज्ञान, गणित विज्ञान, आर्ट्स, समाज विज्ञान, पृथ्वी एवं पर्यावरण विज्ञान की शिक्षा हासिल करेंगे। इसके साथ ही व्यावसायिक अध्ययन, शारीरिक विज्ञान, दृश्यात्मक कला, शोध परियोजना प्रोटोटाइप विकास सहित अन्य कई विषयों का मूल ज्ञान प्राप्त करेंगे। इसके बाद वह तय करेंगे कि उन्हें कि संकाय में जाना है।
नई शिक्षा नीति के समागम में दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में डिजाइन योअर डिग्री प्रोग्राम चर्चा के केंद्र में होगा। दो दिवसीय कार्यक्रम में जम्मू विश्वविद्यालय की छह सदस्य टीम वीसी प्रोफेसर उमेश राय के मार्गदर्शन से दिल्ली भेजी गई है। इसमें डॉ. केएस चाढ़क व अन्य सदस्य हैं।दिल्ली में चार वर्षीय कार्यक्रम के महत्व और उद्देश्य के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस कोर्स से छात्रों के जीवन में होने वाले बदलाव से देश भर के संस्थानों से उपस्थित शिक्षकों को अवगत करवाया जाएगा।
दाखिले के लिए होगी कड़ी स्पर्धा
इनोवेटिव कोर्स में दाखिले के लिए छात्रों को कड़ी स्पर्धा से गुजरना पड़ेगा। 12वीं पास छात्र आवेदन करने के पात्र रखे गए हैं। उन्हें अकादमिक मेरिट के 10, प्रवेश परीक्षा के 60, सामूहिक गतिविधि व चर्चा के 20 और साक्षात्कार के 10 अंक दिए जाएंगे। प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। 20 अगस्त को दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा ली जानी है।