जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि केंद्र से प्रदेश उधार नहीं, बल्कि अपना हक मांग रहा है क्योंकि राज्य के लोग टैक्स देते हैं और संसाधन भी उपलब्ध कराते हैं।
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार से हम उधार नहीं बल्कि अपना हक मांगते हैं क्योंकि जम्मू-कश्मीर के लोग भी जीएसटी समेत अन्य टैक्स देते हैं और हमारे यहां की बिजली व अन्य संसाधन केंद्र सरकार लेती है। प्रदेश की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि केंद्र से मदद लेनी ही पड़ती है।
विज्ञापन
सुरिंदर चौधरी मंगलवार को रेजिडेंसी रोड स्थित नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी (एनसी) कार्यालय पर प्रेसवार्ता कर रहे थे। साथ में मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी भी मौजूद थे। उपमुख्यमंत्री ने पीडीपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि अपनी सरकार के दौरान वह हमेशा कटोरा लेकर केंद्र सरकार के पास जाती थी लेकिन एनसी ने कभी ऐसा नहीं किया। आज भी पीडीपी का अपना कोई एजेंडा नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के सहयोग से सत्ता में रही पीडीपी ने ही जम्मू-कश्मीर के दो टुकड़े किए। विशेष राज्य का दर्जा और अनुच्छेद 370 को खत्म करवाया। आज प्रदेश में बाहरी लोग जमीन खरीद रहे हैं। व्यापक पैमाने पर व्यापार कर रहे हैं। नौकरी ले रहे हैं। विश्वविद्यालयों के कुलपति बने हुए हैं लेकिन दिल्ली से डरने वाली पीडीपी इसके खिलाफ नहीं बोलेगी।
विज्ञापन
सीएम के सलाहकार नासिर असलम वानी ने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों की बदौलत आगे भी एनसी की सरकार बनेगी। कहा कि भाजपा और एनसी रेल की दो पटरियां हैं जो साथ चलेंगी लेकिन कभी मिलेंगी नहीं।
राजस्व विभाग के कामकाज के लिए उर्दू की जानकारी जरूरी
पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती द्वारा उर्दू भाषा को शैक्षिक पाठ्यक्रम और भर्ती प्रक्रिया से बाहर करने के आरोपों को खारिज करते हुए वानी ने कहा, हमने उर्दू की अनिवार्यता पर अधिसूचना जारी कर लोगों से सिर्फ सलाह मांगी थी। इसे समाप्त करने की बात कहना बेमानी है। कहा कि राजस्व विभाग में कामकाज के लिए उर्दू की जानकारी जरूरी होती है इसलिए उसे तवज्जो दी गई। बोले, चुनाव में जनता द्वारा नकार दी जा चुकी पीडीपी हमेशा से बेवजह की बातों को बड़ा मुद्दा बनाती है।