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Jammu News: डेंगू के साथ चिकनगुनिया ने बढ़ाई चिंता

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- प्रदेश में अब तक 76 मामले, जम्मू जिले से 85 प्रतिशत, लोगों को सताने लगा जोड़ों का दर्द, छह-छह माह तक कराहते रहे थे
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बरसात थमने के बाद डेंगू के साथ चिकनगुनिया की दस्तक ने चिंता बढ़ा दी है। इस साल अब तक प्रदेश में 76 चिकनगुनिया के मामले रिपोर्ट हो चुके हैं, जिसमें जम्मू जिला में सर्वाधिक 85 प्रतिशत के हिसाब से 65 मामले आए हैं।
इसके अलावा कठुआ में एक, उधमपुर में आठ और राजोरी में दो मामले मिले हैं। वर्ष 2023 में पहली बार प्रदेश में रिकार्ड चिकनगुनिया के 810 मामले मिले थे, जिसमें भी जम्मू जिले से 689 (85 प्रतिशत) मामले थे। पिछले साल के चिकनगुनिया के अनुभव को याद करके शहरवासी फिर सहम गए हैं। कई लोगों को चिकनगुनिया से पीड़ित होने के बाद जोड़ों में सूजन और दर्द की शिकायत छह-छह माह तक रही थी। कई पीड़ितों की हालत यह थी कि उनके लिए चल पाना भी मुश्किल होता था। इन परिस्थितियों में एलोपैथी इलाज भी कुछ खास नहीं कर पाया था।
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इस बार भी लोगों को डेंगू से अधिक चिकनगुनिया को लेकर चिंता हो रही है। जुल्लाका मोहल्ला निवासी चंद्र शेखर शर्मा ने बताया कि पिछले साल उनके साथ परिवार के पांच सदस्य चिकनगुनिया से पीड़ित हो गए थे। कई कई महीनों तक जोड़ों में दर्द की शिकायत रही थी। डाॅक्टरों को भी समझ नहीं आ रहा था कि चिकनगुनिया से होने वाले दर्द और सूजन को जल्द कैसे ठीक किया जाए। इस बार भी चिकनगुनिया की दस्तक की खबर सुनकर डर लग रहा है। यह डेंगू से अधिक खतरनाक लगता है, क्योंकि डेंगू का असर कुछ दिन रहता है, मगर चिकनगुनिया कई कई महीनों तक तंग करता है।

मच्छरों के सफाए पर सवाल, डेंगू मामलों में 92 प्रतिशत निगम क्षेत्र से
जम्मू शहर के 87 स्थानों पर दस्तक दे चुका डेंगू, हाट स्पाॅट इलाके बढ़ रहे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। डेंगू का डंक तेज हो गया। जम्मू जिले में अब तक मिले कुल मामलों में 92 प्रतिशत नगर निगम क्षेत्र से हैं, जिसने शहर के भीतर मच्छरों के सफाए के नगर निगम के दावों पर भी सवाल उठाए हैं, जबकि सिर्फ 8 प्रतिशत ही मामले गैर नगर निगम क्षेत्र से आए हैं।
प्रदेश के अन्य 19 जिलों में से जम्मू जिला सबसे अधिक डेंगू से प्रभावित है। अब तक मिले कुल 1246 डेंगू के मामलों में इस जिले से 64 प्रतिशत मामले मिले हैं। शहर के 87 स्थानों पर डेंगू दस्तक दे चुका है और इसका दायरा बढ़ने की आशंका है। अब तक जम्मू जिले से सर्वाधिक 793 डेंगू के मामले मिल चुके हैं। जिसमें नगर निगम क्षेत्र से 730 और गैर नगर निगम क्षेत्र से 63 मामले हैं, यानी शहर के भीतरी इलाकों में डेंगू का अधिक हमला हुआ है।
हालांकि वर्ष 2023 की तुलना में अब तक नगर निगम क्षेत्र से 1108 और गैर नगर निगम क्षेत्र से 79 मामले मिले थे। डेंगू के बढ़ते दायरे से आगामी दिनों में अस्पतालों में भी डेंगू के संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका है। हाट स्पाॅट की बात करें तो मुट्ठी इलाके में सबसे अधिक 124 मामले मिल चुके हैं। इस इलाके के लगभग हिस्सों में डेंगू पनप रहा है। इसी तरह विनायक नगर, रूप नगर, पलौड़ा, दुर्गानगर, जानीपुर आदि इलाकों में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं।

शहर के भीतर कैसे पनप रहे हैं मच्छर
विशेषज्ञों के अनुसार शहर में अनियोजित निर्माण, स्मार्ट सिटी के नाम पर जगह-जगह गड्ढों में भरा पानी, मच्छरों के प्रति गंभीरता की कमी आदि मुख्य कारणों से डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। अक्तूबर में डेंगू के मामलों में और वृद्धि होने की आशंका है।
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अब एक डेंगू मामले पर भी फागिंग का दावा
नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी विनोद शर्मा का दावा है कि पहले कलस्टर स्तर पर दो या उससे अधिक डेंगू के मामले मिलने वाले स्थान पर फागिंग का प्रावधान था, लेकिन अब एक मामला मिलने वाले स्थान पर भी फागिंग करवाई जा रही है। डेंगू को लेकर हालात अभी नियंत्रण में हैं। इसमें लोगों को भी जागरूक होकर लारवा बनने के लिए जिम्मेदार स्रोतों को खुद खत्म करना चाहिए। इसके लिए घरों और आसपास के क्षेत्रों को ड्राई रखा जाए।
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