अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में डेंगू खतरनाक हो रहा है। 3 दिन में तीन सौ से अधिक मामले मिल चुके हैं। 3 को 91, 4 अक्तूबर को 110 और वीरवार को 103 केस आए हैं। जीएमसी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में प्रतिदिन हो रहे परीक्षण (औसतन 100 से 120) में डेनवी 2 स्ट्रेन के 80 प्रतिशत मामले मिल रहे हैं, जबकि बीस प्रतिशत मामले डेनवी 1 स्ट्रेन के हैं। डेनवी 2 स्ट्रेन अधिक खतरनाक माना जा रहा है। नए मामलों में इस स्ट्रेन के मरीजों में शारीरिक समस्याएं अधिक हो रही हैं। खासतौर पर प्लेटलेट्स की कमी बड़ी चिंता है। विशेषज्ञों के अनुसार बचाव और जागरूकता से ही डेंगू से बचा जा सकता है।
वहीं, आशंका है कि आगामी दिनों में मामलों का ग्राफ तेजी से ऊपर जाएगा। शहर के लगभग हिस्सों से डेंगू के मामले मिलने से नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की पोल खुल गई है। सरकारी के साथ निजी अस्पतालों में डेंगू के लक्षण वाले मरीज भर्ती हो रहे हैं। अब तक जिला जम्मू सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 72 प्रतिशत तक केस आए हैं। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. संदीप डोगरा के अनुसार डेंगू के मामले मिल रहे हैं, लेकिन हालात नियंत्रण में हैं। परीक्षण में अधिकांश डेनवी 2 स्ट्रेन सामने आ रहा है। आधिकारिक तौर पर जिला उधमपुर के तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि अनाधिकारिक तौर पर मौतों के साथ-साथ केसों की संख्या अधिक है।
ऐसे करें बचाव
हाफ टीशर्ट के बजाय फुट स्लीव वाले परिधान पहनें। कोशिश करें कि पैरों में जुराब पहनें, ताकि मच्छर न काट सके। मरीज तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें। डेंगू की पुष्टि के बाद डॉक्टरी सलाह जरूर लें और सेल्फ ट्रीटमेंट से बचें। घर पर उपचार लेने के दौरान डॉक्टर से संपर्क बनाकर रखें।
जम्मू में हालात खराब
जम्मू कश्मीर में 103 नए मामलों के साथ आंकड़ा 2367 तक पहुंच गया है। जिला जम्मू में 64 केस आए हैं और कुल आंकड़ा 1698 तक पहुंच गया है। जम्मू के बाद उधमपुर में तेजी से डेंगू का ग्राफ ऊपर चढ़ रहा है। यहां 23 मामले मिले हैं। इसी तरह कठुआ, रियासी में 2-2, राजोरी में 4, रामबन में 5, कश्मीर में 2 और सांबा से 1 केस मिला है।