पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। यहां तक कि भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवरेट नेशन का दर्जा भी वापस ले लिया, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार में कमी आई है। दोनों देशों में तनाव के बावजूद आतंकियों के गढ़ पीओके में भारत के टमाटर खूब पसंद किए जा रहे हैं। यही वजह है कि दो दिन में चक्का दा बाग के रास्ते भारत ने पीओके में 18 ट्रक टमाटर भेजे हैं। वहां भारतीय टमाटरों की भारी मांग रहती है।
गौरतलब है कि पुलवामा में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के कई टीवी चैनलों ने ऐसी खबरें चलाईं कि भारतीय किसान पाकिस्तान को अपने टमाटर नहीं बेच रहे हैं। भारत से टमाटर न आने से पाकिस्तान में टमाटर के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं।
कुछ पाकिस्तानी टीवी चैनलों पर तो इन दिनों रसोई के विशेषज्ञों को बुला कर उनसे इस बात की चर्चा भी की गई कि टमाटर न मिलने की सूरत में सब्जी में उसके स्थान पर दूसरा क्या विकल्प हो सकता है। इन खबरों से इतर सच्चाई यह है कि पुंछ जिले में चक्कां दा बाग के रास्ते दो दिन में क्रास एलओसी ट्रेड के तहत 18 ट्रक टमाटर पीओके भेजे गए हैं।
यह उन भारतीय चैनलों की खबरों की भी पोल खोलने के लिए काफी है, जिन्होंने ऐसी खबरें चलाईं कि भारत की तरफ से पाकिस्तान के साथ कारोबार पर लगाम लगाने से दुश्मन देश का दम फूलने लगा है। हकीकत यह कि भारत की तरफ से पीओके के साथ व्यापार में कोई कमी नहीं आई है।
इसके बावजूद कि अधिकतर आतंकी प्रशिक्षण शिविर पाक अधिकृत क्षेत्र में ही मौजूद हैं। सूत्रों की मानें तो चक्कां दा बाग के रास्ते उस पार जाने वाले भारतीय टमाटरों की खेप के पाकिस्तान तक पहुंचने की संभावना काफी कम हैं, क्योंकि पाकिस्तान की तरफ से कोहाला सीमा पर बनाई गई चेक पोस्ट से पहले से ही पाकिस्तान में सामान भेजने पर रोक लगी हुई है।