श्रीनगर। पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कान्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की रिहाई की मांग की है। पीएसए के तहत हिरासत में चल रहीं महबूबा को सरकारी आवास में शिफ्ट किए जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उमर ने एक ट्वीट किया है। उमर ने ट्वीट में लिखा कि महबूबा मुफ्ती को आजाद किया जाना चाहिए और उनसे पीएसए हटाया जाना चाहिए। केवल उन्हें शिफ्ट करना एक आई वॉश है।
इससे पहले महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा ने अपनी मां की नजरबंदी को चुनौती देते हुए फरवरी में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। तीन न्यायाधीशों की पीठ ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन को नोटिस जारी कर याचिका पर अपनी प्रतिक्रिया देने को कहा था। सुनवाई 18 मार्च को रखी गई थी लेकिन कोरोना वायरस के चलते याचिका पर सुनवाई नहीं हो पाई।
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पांच अगस्त के बाद से सभी कश्मीरियों को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है। इसने वैश्विक महामारी के समय भी हमारी लोकतांत्रिक साख को कम किया है। फिर भी मैं सभी को उनके समर्थन और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं। चिंता व्यक्त करने और शुभकामनाओं के लिए कश्मीर में मीडिया को आभार। क्या मैं विनम्रतापूर्वक अनुरोध कर सकती हूं कि आप परिवार को प्राइवेसी प्रदान करें क्योंकि हम आज उनके घर आने का इंतजार कर रहे हैं। कृपया याद रखें कि यह रिहाई नहीं है और घर को एक उप जेल के रूप में घोषित किया गया है।
- इल्तिजा मुफ्ती, महबूबा की बेटी
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जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन और जेकेपीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और मुख्यधारा के प्रमुख नेताओं को नजरबंद रखना सत्तावाद है। ये नेता आठ महीने से अधिक समय तक हिरासत में हैं। उन्हें मीडिया एक्सेस के साथ-साथ उनके सहयोगियों और उनके रिश्तेदारों तक पहुंचने की अनुमति नहीं है।
- जुनैद मट्टू, मेयर