रामगढ़। अखिल भारतीय जाट महासभा की एक बैठक गांव चक सलारिया में आयोजित की गई। अध्यक्ष चौ. मनमोहन सिंह ने कहा कि वह किसानों का मुआवजा बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि किसानों ने बारिश और ओलावृष्टि से 2 फसलें खो दी हैं। प्रशासन की तरफ से 675 रुपये प्रति कनाल मुआवजा मजाक लगता है। सरकार को कम से कम 2000 रुपये प्रति कनाल मुआवजा देना चाहिए। अन्य राज्यों में सरकार बिजली, पानी की आपूर्ति और अन्य सुविधाओं पर सब्सिडी प्रदान करती है। जेएंडके के किसानों को भी ये सुविधा मिलनी चाहिए।
बीडीसी चेयरमैन चौ. दर्शन सिंह ने कहा कि उनके पास जो भी शिकायतें आती हैं, उनको चौ. मनमोहन सिंह ने प्राथमिकता दी और उन्हें हल करने के लिए काम किया। चौ. मनमोहन सिंह ने इस अवसर पर बिरादरी के लोगों से एक दूसरे के साथ एकता और सद्भाव में रहने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि हमें एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए और उत्तेजक तत्वों से दूर रहना चाहिए जो लोगों को भ्रमित करने और उन्हें अपने फायदे के लिए गुमराह करने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय जाट महासभा एक राजनीतिक दल नहीं है और राजनीतिक एजेंडे का समर्थन नहीं करता है। इस मौके पर दीवान सिंह, रशपाल सिंह, शाम लाल, सुरिंदर चौहान, प्रेम पाल, सरपंच काली दास, जगदीश राज, रूप लाल, देव राज, आशा चौधरी, तजिंदर कौर, नायब सरपंच सुनील, पूर्व सरपंच राजिंदर, प्रकाश, एस तजिंदर सिंह, साहिल सिंह, अविनाश, रिकी और बिन्दू मौजूद रहे।