भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले ग्रामीणों ने राज्य में नई बनने वाली सरकार से मांग उठाई है कि उन्हें गांवों में ही पक्के बंकर बना कर दिए जाएं, वहीं सुरक्षित स्थानों पर पांच मरला के प्लाट आवंटित किए जाए।
ग्रामीणों ने सरकार से की मांग में कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों को सुरक्षा की दृष्टि से गांवों में पक्के बंकर बना कर उपलब्ध कराए जाएं ताकि पाकिस्तान की ओर से अचानक की जाने वाली गोलाबारी में वे वहां पर अपने परिवारों को सुरक्षित रख सकें।
उनका कहना था कि कोई पता नहीं होता है कि पाकिस्तानी रेंजर कब गोलाबारी शुरू कर दें। यदि उनके गांवों में पक्के बंकर हो तो वे कम से कम उस में सुरक्षित तो रह सकते है।
वही उन्होंने केन्द्र की भाजपा सरकार से मांग उठाई है कि सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पांच मरला के प्लाट अलाट किए जाएं ताकि गोलाबारी के दौरान वे लोग अपने परिवारों के साथ वहां पर सुरक्षित रह सकें।
उनका कहना था कि पिछले चुनावों से पहले जब पाक की ओर से गोलीबारी की गई थी तो उनका हाल जानने वाले नेताओं ने उन्हें आश्वासन दिलाया था कि उन्हें पांच मरला के प्लाट अलाट करवाए जाएंगे।
चुनाव खत्म होने के बाद नेता एक बार फिर से सीमांत लोगों की परेशानी को भूल चुके हैं। उन्होंने भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों से भी गुहार लगाई है कि सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों की भी सुध लें।
मांग करने वालों में राज कुमार, विमला देवी, विकास सिंह, विशाल सिंह, पुरख सिंह, रछपाल सिंह, रेखा देवी आदि ग्रामीण शामिल हैं।