delimitation commission team in srinagar jammu kashmir
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परिसीमन आयोग के समक्ष जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दल सियासी खाता बनाने में जुटे हैं। कश्मीर के बाद जम्मू संभाग के मुद्दों पर भी राजनीतिक दल अपनी राय रखेंगे। इसके लिए संभाग केंद्र आधारित दलों ने तैयारी कर रही है, हालांकि प्रदेश कांग्रेस श्रीनगर में अपनी मुलाकात में काफी कुछ स्पष्ट कर चुकी है।
जम्मू संभाग से पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि भाजपा सरकार ने आयोग के समक्ष जनगणना 2011 के तहत अपनी रिपोर्ट तैयार करने को कहा है, जो गलत है। पिछले दस सालों में दोनों संभागों में कई बदलाव आए हैं। जनसंख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में पुरानी जनगणना को आधार नहीं बनाया जा सकता है।
आयोग को जम्मू-कश्मीर के परिसीमन पर अपना ड्राफ्ट राजनीतिक दलों के साथ साझा करना चाहिए। इसके साथ जनता के सामने भी इसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि राजनीतिक दल और लोग अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवा सकें। ड्राफ्ट के बुनियाद पर आगे बात की जा सकती है।
आयोग को देखना चाहिए कि जिलों की भौगोलिक स्थिति , निर्वाचन क्षेत्र और आबादी के हिसाब से उन्हें पूरा हक मिलना चाहिए। परिसीमन में सीटें बढ़ाने के मामले में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिेए और ये लोगों के अपेक्षाओं और हितों के मुताबिक हो। पिछले दस साल में दोनों संभागों में आबादी में बढ़ोतरी हुई है, इससे कई क्षेत्रों का विस्तार हुआ है।
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नेकां की बैठक आज, वार्ता के बिंदुओं पर होगी चर्चा
नेकां ने बुधवार को शेर-ए-कश्मीर भवन जम्मू में सुबह 11 बजे अपने जिला प्रधानों, निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधियोंऔर प्रांतीय स्तर पर वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई है। इसमें आगामी जम्मू संभाग में परिसीमन आयोग से मुलाकात में पार्टी की ओर से रखे जाने वाले मुद्दों को चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि बैठक में तय किया जाएगा कि कौन से मुद्दे आयोग के समक्ष रखे जाएं। इसमें निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधियों और अन्य पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की राय ली जाएगी।