पीडीपी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा कि प्रधानमंत्री कार्यालय राजदूतों के दूसरे जत्थे को कश्मीर में असली हालात दिखाने नहीं लाया गया है। जेलों में राजनीतिक नेता बंद किए गए हैं। यह दौरा कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के दुष्प्रचार को गलत साबित करने की सरकार के कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा है। राजदूतों से पीडीपी के नेता सैयद अल्ताफ बुखारी समेत कुछ अन्य नेताओं से मुलाकात की। सरकार ने उन लोगों को जेल में डाला जिन्होंने लोकतंत्र के लिए काम किया। सरकार को समझना चाहिए कि जो वास्तव में कश्मीर की मिट्टी से प्रेम करते हैं वह बिकाऊ नहीं हैं।
नेशनल कांफ्रेंस ने कहा है कि सरकार जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने के अपने दावे पर मुहर लगवाने वाले के लिए जिस तरह से विभिन्न देशों के राजनायिकों को यहां लायी है उससे निराशा हुई है। यह दौरा योजनाबद्ध है, उनसे चुनिंदा लोगों से मिलवाया गया जो सरकार के रुख के अनुरूप बोलते हैं। जम्मू-कश्मीर में अगर हालात सामान्य है तो तीन पूर्व मुख्यमंत्री सहित सैकड़ों लोग 160 दिनों से नजरबंद क्यों रखे गए हैं।
कांग्रेस को मुलाकात का न्यौता नहीं
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने कहा कि राजदूतों से मिलने के लिए कांग्रेस को कोई न्यौता नहीं दिया गया। ऐसी सूचना मिली है कि राजदूतों से कुछ चुनिंदा राजनेताओं को मिलने दिया गया है।