अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद दो दिनी दौरे पर आए अमेरिका समेत 15 देशों के राजनयिकों को जम्मू के लोगों ने इसका सच बताया। वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजियों ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि 70 सालों को भेदभाव समाप्त हो गया है। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, भाजपा समेत विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने 370 हटाए जाने का स्वागत किया।
दल ने जगती विस्थापित कालोनी में जाकर कश्मीरी पंडितों से मुलाकात की तथा उनसे भी रायशुमारी की। यहां कश्मीरी पंडितों ने नारे लिखी तख्तियां ली थी जिस पर लिखा था कि घाटी में मुस्लिम आतंकवाद को सरकार खत्म करे। पांच अगस्त के बाद किसी विदेशी प्रतिनिधिमंडल की यह दूसरी जम्मू कश्मीर यात्रा है। इससे पहले दिल्ली के थिंक टैंक इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर नन एलाइंड स्टडीज यूरोपीय संघ के 23 सांसदों को केंद्र शासित प्रदेश की स्थिति का जायजा लेने के लिए दो दिनों की यात्रा कराई गई थी।
विदेशी राजनयिकों के दल से पश्चिम पाकिस्तान के शरणार्थियो, वाल्मीकि समाज, गुज्जरों और वकीलों के प्रतिनिधियों समेत विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने मुलाकात की। स्वास्थ्य विभाग के वित्त आयुक्त अटल डुल्लू ने विदेशी दल को सरकार द्वारा तैयार स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में बताया।
विदेशी दल ने दोपहर बाद शहर के बाहरी क्षेत्र जगती के सबसे बड़े कश्मीरी प्रवासी शिविर में जाकर कश्मीरी पंडितों से बात की, जो नब्बे के दशक में आतंकवाद के चरम पर होने पर घाटी छोड़कर आ गए थे। इससे पहले वीरवार को दल ने श्रीनगर में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा नागरिक समाज के लोगों से मुलाकात की थी। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा स्थिति की जानकारी दी थी। शाम को यह दल जम्मू लौट आया था। यहां दल ने उप राज्यपाल जीसी मुर्मू से मुलाकात की थी।
प्रतिनिधिमंडल में अमेरिका के अलावा बांग्लादेश, वियतनाम, नार्वे, मालदीव, दक्षिण कोरिया, मोरक्को, नाइजीरिया आदि के राजनयिक हैं। विदेशी प्रतिनिधिमंडल के साथ विदेश मंत्रालय के सचिव पश्चिम विकास स्वरूप भी थे। विदेशी राजनयिकों के दौरे के दौरान इस बार हड़ताल का आह्वान नहीं किया गया था। दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले थे और यातायात सामान्य था। अक्तूबर में यूरोपीय संसद के प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान कई जगह पथराव हुआ था। साथ ही दुकानें बंद थी और सड़कों से ट्रैफिक गायब था।
मुख्य सचिव-डीजीपी ने हालात की दी जानकारी
दल को मुख्य सचिव बीवीआर सुबह्मण्यम और पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय दल ने अनुच्छेद 370 हटने के बाद उत्पन्न स्थिति से अवगत कराया। विदेशी प्रतिनिधिमंडल को अनुच्छेद 370 को हटाने और दो केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद की सुरक्षा स्थिति के विभिन्न पहलुओं के बारे में बताया। यह विदेशी दल वीरवार को कश्मीर घाटी पहुंचा था जहां उसने चुनिंदा राजनीतिक प्रतिनिधियों, नागरिक संस्थाओं के सदस्यों से मुलाकात की थी।