ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित एक 18 साल के युवक ने आपरेशन के इंतजार में रविवार को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिवार का आरोप था कि आपरेशन में कई दिनों से डाक्टर लेटलतीफी कर रहे थे। खून का इंतजाम भी किया गया। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार बेटे ने दम तोड़ दिया।
युवक की मौत पर घरवालों ने अस्पताल में हंगामा किया। उनका आरोप था कि अस्पताल में वेंटिलेटर न होने से आपरेशन नहीं किया गया। डोडा, गुरमल निवासी सरताज अहमद (18) को गत 30 जनवरी को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिता मोहम्मद इकबाल ने बताया कि सरताज को ब्रेन ट्यूमर था।
अस्पताल में डाक्टरों ने इलाज के दौरान कहा कि उसका आपरेशन कर दिया जाएगा, खून का इंतजाम करो। आपरेशन के लिए किसी तरह तीन बोतल खून का इंतजाम किया गया, लेकिन आपरेशन के लिए लगातार डाक्टर आनाकानी करते रहे। गत शनिवार अचानक उन्हें डाक्टरों ने सरताज को किसी दूसरे अस्पताल में इलाज के लिए ले जाने को कह दिया।
लेकिन सरताज की हालत ऐसी नहीं थी कि उसे अस्पताल से दूसरी जगह ले जाया जा सके। उन्होंने कहा कि सरताज की हालत के बारे में डाक्टरों ने सही नहीं बताया। आपरेशन के लिए लोगों से कर्जा तक लिया।