पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ी: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
बादामी बाग छावनी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "इस विषम परिस्थिति में, आप सबके बीच आकर, आज मैं, बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। हमारे प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान आपने जो कुछ किया, उसने पूरे देश को गर्व से भर दिया है। मैं अभी भले ही आपका रक्षा मंत्री हूं लेकिन उससे पहले तो भारत का नागरिक हूं। रक्षा मंत्री के साथ-साथ, मैं आज, भारत के नागरिक के रूप में भी आपका आभार प्रकट करने आया हूं।" रक्षा मंत्री ने कहा कि हमें अपनी सेना पर गर्व है। ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद पर बड़ी कार्रवाई है। पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। हम आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकते हैं।
दुश्मन उसे कभी भूल नहीं पायेगा: राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री ने कहा, 'मैं आपकी उस ऊर्जा को महसूस करने आया हूं, जिसने दुश्मनों को नेस्तनाबूद कर दिया। आपने जिस तरीके से, सीमा के उस पार पाकिस्तान की चौकियों और बंकरों को धवस्त किया, दुश्मन उसे कभी भूल नहीं पायेगा। आमतौर पर लोग जोश में होश खो देते हैं। लेकिन आपने, जोश भी रखा, होश भी रखा और सूझबूझ के साथ दुश्मन के ठिकानों को बर्बाद किया है।'
'आतंकवाद के खिलाफ हम किसी भी हद तक जा सकते हैं'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत द्वारा चलाई गई, अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई है। 35-40 वर्षों से भारत सरहद पार से चलाये जा रही आतंकवाद का सामना कर रहा है। आज भारत ने पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ हम किसी भी हद तक जा सकते हैं। पहलगाम में आतंकवादी घटना को अंजाम देकर भारत के माथे पर चोट पहुंचाने का काम किया, भारत की सामाजिक एकता को तोड़ने का प्रयास किया गया। उन्होंने भारत के माथे पर वार किया, हमने उनकी छाती पर घाव दिए हैं। पाकिस्तान के जख्मों का इलाज इसी बात में है कि वह भारत विरोधी और आतंकवादी संगठनों को पनाह देना बंद करे, अपनी ज़मीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ न होने दे।"
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने श्रीनगर एयरबेस का दौरा किया और जवानों से मुलाकात की। उनके साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी मौजूद हैं। भारतीय वायु सेना (IAF) के जवानों ने श्रीनगर एयर बेस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बातचीत के दौरान 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए।
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बादामी बाग छावनी में जवानों के साथ 'भारत माता की जय' के नारे लगाए। रक्षा मंत्री ने यहां जवानों को संबोधित किया।
पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े और दो दशक बाद चरम पर पहुंच गए। वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी को नाकाम करते हुए उसका माकूल जवाब दिया। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकानों को ध्वस्त कर दिए। इससे घबराए पाकिस्तान ने 10 मई को भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू कर लिया। हालांकि, इसके कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तान की तरफ से इसका उल्लंघन किया गया, जिसका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर में जवानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि भारत के इतिहास में ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई थी। उन्होंने कहा, पहलगाम में आतंकवादियों ने भारतीयों को उनका धर्म पूछकर मारा था, लेकिन हमने उनके कर्म देखकर मारा है। पाकिस्तान में घुसकर उन्हें समाप्त करना हमारा धर्म था। अगर पड़ोसी की बेजा हरकतें बंद नहीं हुईं, तो उसे और बड़ी कीमत चुकानी होगी।