सेनाध्यक्ष ने बताया कि सेना यात्रा के सुचारु संचालन के लिए किए बहुस्तरीय सुरक्षा इंतजामों का हिस्सा है। विशेष रूप से बालटाल और पहलगाम दोनों रूट के आसपास के जंगलों में तलाशी का जिम्मा सेना का है। हाल ही में पहलगाम में आतंकियों ने 26 पर्यटकों की धर्म एवं पहचान पूछकर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तानी स्थित आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया।
ऑपरेशन स्थगित, एलओसी से लेकर हर जगह तैयारी अब भी
उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के वक्त हमने जितनी भी तैयारी की थी। वह अब भी है। बेशक ऑपरेशन स्थगित है, लेकिन हम हर वक्त इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए पहले से भी अधिक सचेत हैं। ये भी जानकारी दी गई कि राजोरी, पुंछ, बारामुला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा की एलओसी पर तैनात जवान भी सीमा पार से आतंकी घुसपैठ के प्रयास विफल करने के लिए सतर्क हैं।
पहाड़ी एवं जंगली इलाकों में भी मुस्तैद
बैठक में कठुआ, उधमपुर, डोडा, किश्तवाड़, रियासी, अनंतनाग, शोपियां, गांदरबल क्षेत्रों में तैनात सेना की विभिन्न यूनिटों के अधिकारियाें ने अपने- अपने क्षेत्र में सेना की मुस्तैदी के बारे जानकारी दी। बताया कि इन क्षेत्रों के जंगलों में अब भी आतंकियों की मौजूदगी है, जिनसे निपटने के लिए पूरा अमला लगा हुआ है।
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