दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकियों ने सेना के जवान का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी। उनकी गोलियों से छलनी शव एक गांव में मिला। शहीद जवान की हत्या के पीछे पुलिस आतंकियों की हताशा को बड़ा कारण मान रही है। मामले में केस दर्ज कर लिया गया है।
शनिवार को शोपियां के वोठमुला गांव में लोगों ने गोलियों से छलनी शव को देखा। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। जांच में पता चला की शव सेंजन गांव निवासी व सेना की 175 टेरीटोरियल आर्मी में तैनात जवान इरफान अहमद डार का था। वह इन दिनों बांदीपुरा के गुरेज में तैनात थे।
इन दिनों वह छुट्टी पर घर आए हुए थे। शुक्रवार को वह घर से अपनी कार में किसी काम के सिलसिले में निकले थे। इसके बाद लापता हो गए। एसएसपी एएस दिनकर ने बताया कि गोलियों से छलनी जवान के शव को बरामद किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस घटना के पीछे आतंकियों का हाथ है। बताया कि आतंकियों के जो ग्रुप इलाके में सक्रिय हैं उनके खिलाफ चलाए जा रहे आपरेशन के दबाव में वह इस प्रकार की घटनाओं कां अंजाम देते हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि शहीद जवान 26 नवंबर तक छुट्टी पर घर गए थे। उन्होंने संभावना जताई की आतंकियों ने उन्हें अगवा कर उसकी निर्मम हत्या की है। गौरतलब है कि इससे कुछ महीने पहले बांदीपुरा में बीएसएफ के जवान मोहम्मद रमजान पर्रे और शोपियां में लेफ्टिनेंट उमर फय्याज (2 राजपुताना राइफल्स) की आतंकियों ने हत्या कर दी थी। दोनों भी अपने घर छुट्टियों पर गए हुए थे।