रियासत में निकाय और पंचायत चुनाव की घोषणा कर दी गई है। निकाय चुनाव एक से चार अक्टूबर के बीच चार चरणों में होंगे। पंचायत चुनाव आठ नवंबर से चार दिसंबर के बीच आठ चरणों में आयोजित किए जाएंगे। यह फैसला राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) की बैठक में लिया गया।
बैठक में जमीनी स्थर पर सशक्तिकरण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए बड़े स्तर पर फैसला किया गया। विभिन्न पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श तथा आवास व शहरी विकास विभाग, ग्रामीण विकास व पंचायती राज और गृह विभाग से प्राप्त फ ीडबैक के आधार पर चुनाव प्रक्रिया को शुरू करने का फैसला किया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सुरक्षा और मतदान आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए घोषित तिथियों के मध्य चुनाव कार्यक्रम को समायोजित करने के लिए कहा गया है। पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनाव लोगों को अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए राज्य की राजधानी या जिला मुख्यालय गए बगैर अपने स्तर पर निर्णय लेने में सक्षम बनाएंगे। स्थानीय निकाय के पास पर्याप्त धनराशि होगी, जो पूरे राज्य में लोगों को सशक्त बनाएगा।
चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों का होगा बीमा
एसएसी ने चुनाव आयोजन में लगे कर्मचारियों के पक्ष में जोखिम को कम करने के लिए बीमा कवर देने का फैसला किया। इसके अलावा एक माह का अतिरिक्त वेतन, मजदूरी, पारिश्रमिक देने का भी फैसला किया।
मतदाता शिक्षा पर होगा विशेष जोर
मतदाता शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए सरकार जमीनी स्तर पर सामाजिक-आर्थिक विकास में इन चुनावों के महत्व के बारे में मतदाताओं को जागरूक किया जाएगा। साथ ही उन्हें संवेदनशील बनाने के लिए एक सतत अभियान शुरू किया जाएगा।
घाटी में 20 हजार से अधिक अर्द्धसैनिक बलों के जवानों की होगी तैनाती
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में लगे अर्द्धसैनिक बलों के 20 हजार से अधिक जवानों को चुनाव तक रोका जाएगा। निकाय और पंचायत चुनाव के लिए सीआरपीएफ और बीएसएफ जैसे अर्द्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती होगी। कुल 202 कंपनियों को श्रीनगर, बडगाम, गांदरबल, बारामुला, सोपोर, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, शोपियां और अवंतीपोरा में तैनात किया जाएगा। एक कंपनी में लगभग 100 जवान रहते हैं। इसमें सीआरपीएफ की 132, बीएसएफ की 32, आईटीबीपी की 25 और एसएसबी की 13 कंपनियां शामिल रहेंगी।