माउंट कुन की चोटी पर तिरंगा फहराते दल में शामिल जवान
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सेना के डैगर डिवीजन के पर्वतारोहियों की एक टीम ने कारगिल विजय दिवस समारोह को मनाने के लिए रिकॉर्ड सात दिनों में 7,077 मीटर ऊंचे माउंट कुन पर तिरंगा फहरा कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह ऐतिहासिक यात्रा आठ जुलाई को शुरू हुई थी।
रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि यह यात्रा 8 जुलाई को शुरू हुई जब 19 इन्फैंट्री डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल राजेश सेठी ने बारामुला से टीम को झंडी दिखा कर रवाना किया। 11 जुलाई को बेस कैंप से रवाना होकर, कर्नल रजनीश जोशी के नेतृत्व में निडर पर्वतारोहियों ने 18 जुलाई को सुबह 11:40 बजे माउंट कुन पर चढ़कर अपनी लंबे समय से प्रतीक्षित जीत हासिल की।
प्रवक्ता ने कहा, यह उपलब्धि न सिर्फ भारतीय सेना की पर्वतारोहण टीम के अटूट समर्पण और असाधारण कौशल को प्रदर्शित करती है, बल्कि शारीरिक कल्याण और आध्यात्मिक प्रथाओं के बीच संबंध को भी उजागर करती है।
माउंट कुन की सफल चढ़ाई के साथ अब ध्यान 7,135 मीटर ऊंचे माउंट नून केंद्रित है। यही टीम अब देश की आशाओं और आकांक्षाओं को अपने साथ लेकर माउंट नून की ओर आगे बढ़ेगी।
पर्वतारोहियों ने दुनिया में सबसे ऊंचाई पर किया योग
डैगर डिवीजन के पर्वतारोहियों ने अपनी उपलब्धियों को और उल्लेखनीय बनाते हुए 7077 मीटर की ऊंचाई पर योग कर तंदुरुस्त रहने का संदेश दिया। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्थान है, जहां योग का अभ्यास किया गया।
26 जुलाई 1999 को सेना ने की थी कारगिल विजय की घोषणा
26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय की सफल परिणति की घोषणा की थी, जिसमें तोलोलिंग और टाइगर हिल जैसे अत्याधिक ऊंचाई वाले स्थानों सहित कारगिल की बर्फीली ऊंचाइयों पर लगभग तीन महीने की लंबी लड़ाई के बाद जीत की घोषणा की गई थी।