अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर पुलिस के साइबर सेल ने ऑनलाइन ठगी के दो मामलों को हल करने का दावा किया है। फर्जी तरीके से लिया पैसा वापस भी दिलाया है, लेकिन फर्जीवाड़ा करने वाले कौन थे, कहां के थे और कैसे ठगी की, उसकी जानकारी क्राइम विंग के साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन सेंटर फॉर एक्सीलेंस (सीआईसीई) की तरफ से साझा नहीं की गई। इस बारे में जानने के लिए सीआईसीई के एसएसपी संदीप चौधरी से बात करनी चाही, तो उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी। फिलहाल अब सवाल यह है कि आखिर आरोपी कहां गए, क्या साइबर सेल की नेटवर्किंग में खो गए या उनकी पहचान गुप्त रखने के लिए किसी प्रकार के निर्देश मिले हैं। इसका जवाब अभी तक अधिकारियों के पास नहीं है।
सीआईसीई के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 22 फरवरी को अभिषेक शर्मा ने क्रेडिट कार्ड के जरिये धोखाधड़ी की सूचना दी। बताया कि 13 फरवरी को साइबर अपराधियों द्वारा क्रेडिट कार्ड से 47,240 रुपये निकाल लिए गए। इसके बाद मामले की जांच की गई। इंस्पेक्टर विक्रम चौधरी ने जांच करते हुए निकाले पैसे का पता लगाया। इसके बाद उक्त राशि बरामद की गई, जिसे अभिषेक शर्मा के बैंक खाते में जमा करवाया गया।
इसी तरह 24 मार्च को महाराज कृष्ण कौल ने सीआईसीई को साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दी। बताया कि 20 मार्च को साइबर अपराधियों द्वारा बैंक खाते से 14,670 रुपये निकाले गए। यहां भी इंस्पेक्टर विक्रम ने पैसे बरामद कर पीड़ित के बैंक खाते में डाल दिए। दोनों ही मामले में पैसे बरामद कर लिए, लेकिन यह नहीं बताया गया कि फ्रॉड करके पैसे कैसे, किसने, कहां से निकाले।