श्रीनगर के पुराने शहर में शुक्र वार को सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। सात थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू जैसी पाबंदी लागू रही जिससे सामान्य जन-जीवन पर विपरीत असर पड़ा। कश्मीर विश्वविद्यालय की परीक्षाएं जहां स्थगित रहीं वहीं स्कूलों द्वारा छुट्टी की घोषणा की गई थी।
14 अगस्त को पाकिस्तान के यौमे आजादी के मौके पर कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी द्वारा जुमे की नमाज के बाद पाकिस्तान में अमन, शांति और खुशहाली के विशेष दुआएं आयोजित करने की लोगों से अपील की गई थीं।
इसके मद्देनजर श्रीनगर शहर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। लगभग सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाकर्मियों की ज्यादा तैनाती की गई थी। लेकिन श्रीनगर का पुराना शहर जो देश विरोधी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए अतिसंवेदनशील माना जाता है, वहां कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लागू की गई थीं।
खान्यार, सफाकदल, रैनावारी, एमआर गंज, क्त्रसलखुड़ के अलावा माईसुमा थाना क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले इलाकों में सख्त पाबंदियां और धारा 144 लागू किया गया था।