न्यू पविलक ब्रिलियंट सकेंडरी स्कूल के बच्चे लोहडी मनाते हुए
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आरएस पुरा। कस्बे के न्यू पब्लिक ब्रिलियंट सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को लोहड़ी का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुत किए। बच्चों ने ढोल की थाप पर हिंदी, पंजाबी, डोगरी गीतों पर नृत्य किया। इस पर पंडाल में बैठे बच्चों के अभिभावकों ने तालियां बजाकर उनकी प्रतिभाग को खूब सराहा।
स्कूली बच्चों ने हरण बनने के स्कूल के शिक्षकों से लोहड़ी मांगी व अर्घ्य देकर लोहड़ी का पर्व धूमधाम से मनाया। प्रधानाचार्य प्रमोद खजूरिया ने कहा कि पहले लोहड़ी पर्व के एक माह पहले ही बच्चे घर-घर जाकर लोहड़ी मांगते थे लेकिन अब भागदौड़ अधिक होने पर लोहड़ी के दिन ही किसी बच्चों को हरण बनाए जाने के लिए मुखौटा लगाए जाने के साथ हाथों में दो रंग-बिरंगी लकड़िया देकर हरण द्वार नहीं करना जैसे गीतों के माध्यम से लोहड़ी मांगी जाती है। उन्होंने कहा कि कई युवा वर्ग के लोग छज्जा बनाकर ढोल की थाप पर नाचते हुए लोहड़ी पर्व मनाते थे। अब शहरों में ऐसा नहीं होता। ग्रामीण क्षेत्र में जरूर इस तरह के दृश्य दिखते हैं। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति के एक दिन पहले विशेष कर उतर भारत में लोहड़ी का पर्व लोग हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। लोहड़ी पर्व भारतीय संस्कृति की धरोहर होने पर इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन की बच्चों को त्योहारों के बारे में जागरूक करना है ताकि वह विरासत में मिली संस्कृति को आगे बढ़ा सकें। लोहड़ी पर्व मनाए जाने के लिए बनाई टीमों को स्कूल प्रबंधन की ओर से पुरस्कृत किया गया। इस दौरान स्कूल के कई शिक्षक भी मौजूद रहे।
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वस्त्र और मिठाई का किया जाता है आदान-प्रदान
मीरां साहिब। कस्बे के रामेइस्ट इंस्टीट्यूट आफ एजूकेशन स्कूल के चेयरमैन देवेन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में लोहड़ी पर्व के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करने के साथ अर्घ्य देकर लोहड़ी मनाई। स्कूल के चेयरमैन देवेंद्र शर्मा ने कहा कि सर्दी में मनाए जा रहे लोहड़ी उतर भारत के लोगों का प्रमुख त्योहार है। जिन घरों में नई शादी व बेटे का जन्म होने पर परिवारों द्वारा लोहड़ी मनाई जाती है। लोग अपने सगे- संबंधियों के यहां वस्त्र, रेवड़िया, मूंगफली सहित सूखे मेवे व मिठाइयों का आदान-प्रदान कर लोहड़ी मनाई जाती है। लोग रात को घरों में आग जलाकर मंत्रोउच्चारण के साथ अर्घ्य देते हैं। इस दौरान स्कूल के कई शिक्षक मौजूद रहे। संवाद