अरनिया। अधर में लटकी धान की फसल पर इंद्रदेव की कृपा होने के बाद भी क्षेत्र की विश्व विख्यात बासमती पर पाकिस्तानी गोलाबारी का साया मंडरा रहा है। हालांकि फिलहाल किसानों को बंपर फसल होने की उम्मीद बंधी है। मगर वर्तामन समय में सीमा पर उपजे तनाव पूर्ण हालात को देखते हूए चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं।
स्थानीय किसानों के अनुसार शुरूआती दौर में धान की रोपाई के लिए सिंचाई के साधन आड़े आते रहे। मगर जब मानसून ने अपना असर दिखाना शुरू किया तो किसानों के लिए वरदान सिद्ध होेने लगी, जिससे बंपर फसल होने की उम्मीद बंधने लगी। किसान दर्शन लाल, अंशु सैनी, संदीप सिंह, महेंद्र सिंह ओर तिलकराज आदि किसानों का कहना है कि रोपाई के बाद बारिश के चलते इस समय धान की फसल उम्मीद से भी कहीं अधिक फल फूल रही है। मगर इस बात कोई गारंटी नहीं है कि इस फसल को अंतिम पड़ाव तक पहुंचाने के लिए आने वाले दिनों में भी झमाझम बारिश होगी। जबकि अभी भी इसे अंतिम पड़ाव तक पहुंचाने के लिए कम से कम छह-सात बार सिंचाई की जरूरत पड़ेंगी। जबकि सीमा पर उत्पन्न तनाव के चलते इस समय पाकिस्तानी गोलाबारी की आशंका बन चुकी है। हालांकि सीमा पर तैनात सुरक्षा बल किसानों की हर संभव मदद कर रहे हैं। मगर जब पाक ने गोलाबारी शुरू कर दी तो इस फसल को अंतिम पड़ाव तक पहुंचा पाना काफी कठिन हो जाएगा। जो कि किसानों के लिए काफी चिंता का विषय बन चुका है।