विजयपुर। तहसील के बगुना गांव, जिसका नाम राजेंद्र सिंह पुरा रखा गया है। यहां बुधवार को विलय दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें कश्मीर के रखवाले ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर आसपास के गांवों से भी सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह की शहादत को भुलाया नहीं जा सकता। हमें उनकी वीरता पर गर्व होना चाहिए। जिन्होंने कश्मीर को हमारे हवाले कराया। 21 अक्तूबर की रात को हमला कर दिया, जिस पर मुजफ्फराबाद उड़ी सेक्टर ज्यादा प्रभावित रहा। पाकिस्तान द्वारा भारी मात्रा में गोला-बारूद का प्रयोग किया गया, लेकिन महाराजा की आज्ञा का पालन करते हुए ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह ने 4 दिन भूखे प्यासे रहकर दुश्मनों को रोके रखा। वह मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। प्रत्येक वर्ष गांव में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जाता है।
इस मौके पर पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह सलाथिया, भाजपा जिला प्रधान अमर सिंह, जय राम शर्मा आदि उपस्थित रहे। संवाद
सिपाही सुभाष चंद्र के शहीदी दिवस पर याद किया
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। राजोरी के बुद्धल में देश की सीमा की रक्षा करते शहीद हुए सेना की 10 डोगरा रेजीमेंट के सिपाही सुभाष चंद्र के 23वें शहीदी दिवस पर बुधवार को श्रद्धांजलि दी गई। शहीद के गांव बाजे चक में शहीद स्थल पर हुए कार्यक्रम में सेना की मद्रास रेजीमेंट के जवानों ने शहीद को सलामी दी।
इससे पहले शहीद स्थल पर सत्संग किया गया, जिसमें काफी लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में डीडीसी सुचेतगढ़ तरनजीत सिंह टोनी, सरपंच अक्षय कुमार, सरपंच श्याम लाल भगत, पूर्व सरपंच जसवीर सिंह लकी तथा पूर्व सरपंच स्वर्ण चौधरी सहित क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने पहुंचकर शहीद की प्रतिमा पर फूल मालाएं अर्पित कर नमन किया। टोनी ने कहा कि वर्ष 2000 में सिपाही सुभाष चंद्र देश की सीमा की रक्षा करते हुए शहीद हुए। पूरे क्षेत्र को सुभाष चंद्र पर गर्व है। उन्होंने कहा कि जो लोग देश की रक्षा की खातिर प्राणों की आहुति देते हैं वह अमर हो जाते हैं।
सरपंच अक्षय कुमार, श्याम लाल तथा पूर्व सरपंच जसवीर लकी सहित आदि लोगों ने भी विचार रखे। कहा कि सिपाही सुभाष चंद्र पर पूरे जम्मू-कश्मीर को गर्व है।
पाकिस्तान के कब्जे वाला हिस्सा दोनों देशों की तल्खी की वजह बना : श्याम लाल
भाजपा द्वारा विलय दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
मीरां साहिब। भाजपा की जिला इकाई की तरफ से कुल्लियां में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष तथा पूर्व मंत्री चौधरी श्याम लाल सहित पार्टी के कई नेता मौजूद रहे। पूर्व मंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 में बंटवारे की आंच अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि हर तरफ अनिश्चितता का माहौल था। ऐसे में हमसाया देश आक्रामक हो उठा और बंटवारे के बाद अस्तित्व में आए पाकिस्तान ने कश्मीर पर हमला कर दिया।
परिस्थितियों को देखते हुए कश्मीर के राजा हरि सिंह ने 26 अक्तूबर 1947 को राज्य को भारत में मिलाने का फैसला किया। इस आशय के समझौते पर हस्ताक्षर होते ही सेना ने जम्मू-कश्मीर पहुंचकर हमलावर पड़ोसी की सेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस लड़ाई में कश्मीर का कुछ हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में चला गया। कश्मीर आज तक दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी की वजह बना हुआ है।
कार्यक्रम में डीडीसी सदस्य प्रो. गारू राम भगत, डीडीसी सदस्य विद्या मोटन, बीडीसी अध्यक्ष तरसेम सिंह, पूर्व विधायक अश्विनी शर्मा, महामंत्री आकाश चोपड़ा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं अपने विचार रखे।