सांबा में चांद क़ा दीदार करती विबहिता
सांबा। सुहागिनों का त्योहार करवाचौथ पर बुधवार सुबह तड़के ही सुहागिनों ने खानपान कर व्रत रखा। महिलाओं का अधिकतर समय टीवी के सामने बैठ कर गुजरा। शाम को मोहल्ले की महिलाओं ने एक घर में बैठ कर करवटे बदले। करवटे बदलते समय महिलाएं गीत गाती हैं। वीरा कुड़िए करवडा, सर्व सुहागन करवड, ऐ कटी न अटेरी ना, खुंब चरखा फेरी ना, गवांड पैर पायी ना, सुई च धाग पाई ना, रूठडा मनाई ना, सूतडा जगाई ना, बहन प्यारी वीरा, चण चढे़ तां पानी पीना, ले वीरा कुडिए करवडा, ले सर्व सुहगण करवडा। गीत गाते समय आपस में थाली बदलती हैं, जिसे करवडे़ कहते हैं। तारे निकलने पर महिलाओं ने पानी पिया। चांद के दीदार कर चांद को अर्घ्य देकर व्रत तोड़ा। करवाचौथ व्रत महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए रखती है। दिन भर पानी तक नहीं पीना है। चांद के दीदार करने पर ही खाना चाहती हैं। बुधवार देर शाम को चांद निकलने के बाद महिलाओं पति के हाथ से जल ग्रहण कर व्रत पूरा किया।
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महिला ने उत्साह से रखा करवाचौथ व्रत
विजयपुर। महिलाओं ने पति की लंबी उम्र के लिए बुधवार को करवाचौथ का व्रत रखा। सुहागिन महिलाओं ने सुबह स्नान कर पूजा अर्चना की और व्रत रखा। इस दौरान कुछ महिलाओं ने गरीबी महिलाओं को चूड़ियां, मिठाई, फेनी आदि दान की। संवाद
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चांद के संग देखा पिया को, लंबी उम्र की कामना
रामगढ़। पिया की लंबी उम्र की कामना के साथ महिलाओं ने करवाचौथ पर सजधज कर भगवान चंद्रदेव से अखंड सौभाग्यवती होने का वरदान मांगा। भगवान शिव, पार्वती व गणेशजी की धूप-दीप व फूलों से पूजा-अर्चना की गई। चलनी से भगवान चंद्रदेव के दर्शन कर महिलाओं ने उन्हें घर में पकवान, फूल व चावल से अर्घ्य दिया।
इससे पहले महिलाओं ने परंपरा का निर्वाह करते हुए बेआ का आदान-प्रदान किया। बादाम, काजू, छुहारे और नारियल से सजी बेआ की थाली को बंटाने के लिए महिलाएं गोल दायरे में बैठ भगवान शिव, पार्वती व गणेश की पूजा की। कुछ महिलाओं ने घर में कार्यक्रम किया तो कुछ ने मंदिरों में जाकर बेआ की थाली का आदान-प्रदान किया। महिलाओं ने पारंपरिक गीत ले वीरो कुडिए करवडा, सर्व सुहागन करवडा गाकर करवे के साथ सजी थाली को आठ बार एक दूसरे के साथ बेआ बांटा। इससे पहले सुबह से ही महिलाओं ने सरगी पर भी सुहाग की सभी मांगलिक वस्तुओं की पूजा अर्चना कर सुहागिनों या फिर कंजकों को भेंट की। चौथ माता से पति की लंबी आयु की कामना करते हुए महिलाओं ने व्रत के दौरान पानी तक नहीं पिया। सुंदर परिधानों में सजधज कर दुल्हन का रूप धारण कर महिलाओं ने सास या घर के बड़े सदस्य को बेआ भेंट किया। सास से अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद पाया।
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धूमधाम से मना करवाचौथ
अखनूर। सीमावर्ती क्षेत्र में करवाचौथ धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं ने पति के लंबी आयु के लिए व्रत रख कर भगवान से प्रार्थना की। सुबह महिलाओं ने पूजा अर्चना की। रात को चंद्रमा की पूजा अर्चना की। महिलाओं ने कई मोहल्ले में एक घर में एकत्रित होकर पूजा की। घर में बड़ी महिलाओं को समान दिया। महिला पूजा देवी ने बताया कि इस पर्व को महिलाओं के लिए विशेष महत्व है। संवाद