आरएस पुरा। दबलैड़ में स्थित माता दी छपड़ी मंदिर में चल रहा दो दिवसीय समागम रविवार को संपन्न हो गया। इससे पहले शनिवार रात्रि को सत्संग में अश्विनी शास्त्री ने संगत को प्रवचन से निहाल किया।
समागम में आम आदमी पार्टी नेता डॉक्टर प्रीति भगत सहित बड़ी संख्या में भक्तजनों ने आयोजित संकीर्तन में भाग लिया और माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रबंधन कमेटी के प्रमुख गारा राम, सदस्य रतन लाल , गोपाल दास, राज कुमार, अश्विनी कुमार, पवन कुमार, थोड़ू राम भगत सहित अन्य भक्तों ने मां के चरणों में सबके कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि मंदिर में जो कोई भक्त सच्चे मन से प्रार्थना करता है, माता रानी उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। माता की छपड़ी में स्नान करने से मनुष्य के शरीर की चमड़ी के हर प्रकार के रोग दूर होते हैं।
इस दौरान अश्वनी शास्त्री, गायक बबलू सहित अन्य वक्ताओं ने मां के भजन सुना माहौल भक्तिमय बना दिया। आप नेता प्रीति भगत ने कहा कि मां नाम का सुमिरन व पूजा करने से मनुष्य का जीवन सफल बन जाता है। मन को शांति मिलती है। मन में बसा अहंकार खत्म होता है। मां के सभी भक्तों को मां के सभी रूपों की आराधना करनी चाहिए ताकि माता रानी प्रसन्न होकर उन पर अपनी कृपा करें और वे भवसागर से पार हो जाएं।
उल्लेखनीय है कि हर साल यहां धार्मिक समागम व भंडारे का आयोजन किया जाता है। माता के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है। दूर-दूर से संगत माता की छपड़ी में स्नान करते हैं। माता रानी की कृपा से सब भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। वहीं माता की आरती के उपरांत संगत ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
लोगों ने सत्संग का आनंद लिया
बाड़ी ब्राह्मणा। गांव खड़ा में राधा कृष्णा मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शास्त्री सुबोध ने बताया कि किस तरह से सृष्टि की रचना हुई, और किस प्रकार ब्रह्मा ने इस सृष्टि की रचना की। लोगों ने सत्संग का आनंद लिया और प्रवचन सुनते वक्त मंत्रमुग्ध हो गए। संवाद
दुर्गा मंदिर में भंडारा लगाया
अखनूर। गांव सुंगल स्थित मां दुर्गा मंदिर में रविवार को भंडारा लगाया गया। श्रद्धालु रामेश्वर सिंह की अगुवाई में आयोजित कार्यक्रम में सुबह पूजा अर्चना, सत्संग और हवन किया गया। रामेश्वर सिंह ने बताया कि मंदिर में आयोजित वार्षिक धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां दुर्गा की महिमा करके प्रसाद ग्रहण किया। संवाद
गलत आदतों का त्याग करके ही प्रभु से मिलना संभव
परगवाल। सीमा क्षेत्र परगवाल के गांव गरजाल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक सुरेश शास्त्री ने कहा कि नारायण भक्ति में ही परम आनंद है। उसकी वाणी सागर का मोती बन जाती है। भगवान प्रेम के भूखे हैं। गलत आदतों का त्याग करके ही प्रभु से मिलन संभव है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि जो लोग छल कपट छोड़ कर सच्चे मन से भगवान की भक्ति करते हैं, उन पर सदैव भगवान का आशीर्वाद रहता है। जब-जब भक्तों पर विपदा आती है, भगवान उनके कल्याण के लिए सामने आते हैं। उन्होंने वहां पहुंचे लोगों को सावन माह का महत्व भी समझाया। संवाद