आरएस पुरा। जमाना तो बदल गया, लेकिन अब भी ग्रामीण क्षेत्र में गांव में अनपढ़ चौकीदार व नंबरदारों के होने पर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को बच्चों के जन्म होने पर नाम दर्ज कराने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसी प्रकार किसी की मृत्यु होने पर प्रमाणपत्र लेने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
जम्मू-कश्मीर पीपील सेक्युलर फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा का कहना है कि एक ओर डिजीटल इंडिया की दुहाई दी जा रही है। दूसरी ओर आज भी कई गांव में अनपढ़ चौकीदार व नंबरदार होने पर लोगों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि चौकीदार का कार्य बच्चे का जन्म व मृत्यु का प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए थाने में जाकर नाम दर्ज कराने जाने पर पता चलता है कि चौकीदार ने नाम दर्ज नहीं कराया होता। उन्होंने कहा कि सरकार को पढे़ लिखे युवा वर्ग के लोगों को गांव में चौकीदार व नंबरदार नियुक्त करने चाहिए। ताकि वह खुद लिख सकें।