अरनिया। रघुनाथ आश्रम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा व पांच कुंडीय विष्णु यज्ञ का सोमवार को समापन हो गया। वहीं सोमवार को कलश विसर्जन, हवन व भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर संतों का आशीर्वाद लिया।
कथा वाचक जोगिंगर शास्त्री ने बताया कि हमारा पूरा भारत वर्ष ऋषियों मुनियों की संतान है। तभी जन्म मरण व शादी विवाह में हमसे गोत्र पूछा जाता है। इसीलिए हमारे अंदर भक्ति भावना भरी है। वर्ष 2006 में यहां पर पहला श्रीमद्भागवत कथा, पांच कुंडीय यज्ञ व संत सम्मेलन किया गया। तब से अब तक प्रति वर्ष होने वाला यह 17 वां यज्ञ है, जो हरिद्वार, पंजाब व हिमाचल प्रदेश से आए संतों व श्रद्धालुओं की मेहनत से संपन्न हुआ। मैं कूल गांव के लोगों का तहेदिल से धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने मुझे यहां जगह देकर आश्रम बनवाया और धर्म प्रचार का जरिया बनाया।
दाता रणपत देव स्थान पर श्रीमद्भागवत कथा आज से
अरनिया। आदर्श गांव अला स्थित दाता रणपत देव स्थान पर श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया जाएगा। इसमें जोगिंदर शास्त्री जी महाराज प्रवचन करेंगे। कथा आयोजकों ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे कथा स्थल पर कोविड-19 को देखते हुए मास्क पहन कर आएं। संवाद