बाबा मच्छेंदर नाथ देव स्थान पर भक्तों ने दी हाजरी। मछली के पेट से पैदा हुये थे बाबा मचछेंदर नाथ जी
ज्यौड़ियां। खौड़ की पंचायत बटल मुख्यालय से लगभग नौ किलोमीटर की दूर स्थित बाबा मचछेंदर नाथ के प्रसिद्ध देव स्थान पर क्षेत्र के लोगों ने माथा टेक कर आशीर्वाद लिया। यहां भंडारा भी लगाया।
बटल-सुंदरबनी सड़क से आगे इस स्थान तक पहुंचने के लिए ढाई किलोमीटर पैदल पहाड़ी और संकरा रास्ता है। यह स्थान मचछी भवन स्थान से भी जाना जता है। इस स्थान के पुजारी के अनुसार मछली के पेट से मचछेंदर नाथ पैदा हुए। इस स्थान की विशेषता यह है कि स्थान के साथ गंगा बह रही है, जिसका पानी इतना मीठा है जैसे उसमें चीनी मिलाई गई हो। लोगों के अनुसार इस पानी को रोज पीने से शरीर की कई बीमारियां दूर होती हैं। यहां बने मंदिर का निर्माण 1437 ई में हुआ। क्षेत्र के लोगों के अनुसार यह स्थान इससे भी पहले का प्रसिद्ध है।
बताया जाता है कि इस स्थान का गीता में भी जिक्र किया गया है। सोमवार को इस स्थान पर कई भाजपा नेताओं ने भी हाजिरी दी, जिसमें डीडीसी उपाध्यक्ष सूरज सिंह भाऊ, समाजसेवी डॉक्टर पुरुषोत्तम भगत, डीडीसी ब्लाक भलवाल ब्राह्मणा भूषण बराल, बाबा चंचल सिंह, भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री सुरेश शर्मा, भाजपा नेता नरेंद्र सिंह भाऊ, राजू सिंह सहित अन्य कई लोग उपस्थित रहे। पुजारी सूरम चंद ने बताया कि यह स्थान काफी प्रसिद्ध है। लोग अस्थियां भी विसर्जित करने आते हैं। यहां दूध की गंगा बहती थी। पुुुजारी सूरम चंद ने भाजपा नेताओं से इस स्थान पर पहुुंचने के लिए रास्ता बनवाने की मांग की, जिस पर डीडीसी उपाध्यक्ष सूरज सिंह भाऊ ने आश्वासन दिया कि यहां सड़क निर्माण के लिये जल्द ही विचार किया जाएगा।