आरएस पुरा। कारगिल युद्ध में प्राणों को न्यौछावर करने वाले गांव बाजे चक निवासी शहीद नायक देव राज शर्मा की शहादत पर उनकी वीरता को याद किया गया है। सोमवार को उनके 23वें शहीदी दिवस पर गांव दबलैड़-आरएस पुरा मुख्य मार्ग पर स्थित शहीद स्मारक पर कार्यक्रम में पूर्व मंत्री आरएस चिब, पूर्व सांसद त्रिलोक सिंह बाजवा सहित परिजनों, ग्रामीणों व बुद्धिजीवियों ने शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए हैं।
शहीद नायब देव राज वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में शहीद हो गए। वह 18 ग्रनेडियर रेजिमेंट में नायक के पद पर तैनात। शहादत दिवस पर 4 मद्रास रेजीमेंट के जवानों की ओर से भी सशस्त्र सलामी दी गई। पूर्व मंत्री आरएस चिब ने कहा कि शहीद हमारे लिए प्ररेणास्रोत हैं। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र आरएस पुरा को शहीदों की धरती बताते हुए कहा कि यहां से लगभग हर घर में एक से दो लोग सेना में देश की रक्षा के लिए तैनात हैं। काफी संख्या में क्षेत्र के युवाओं ने देश की रक्षा के लिए बलिदान दिया है। चिब ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से लंबे समय से जो आतंकवाद देश में छेड़ा है, उसका हमारी सेना डटकर मुकाबला कर रही है। अब आतंकवाद से पस्त हो चुका पाकिस्तान ड्रोन जैसे हमले कर देश की सेना के मनोबल को गिराना चाहता है। देश की सेना दुनिया की बेहतरीन सेना में से एक है, वो हर मुसीबत का मुकाबला करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि शहीद नायक देव राज जैसे बहादुर जवान हमेश देश की सेना में है, जिनके कारण हम लोग देश में सुरक्षित है। पूर्व सांसद त्रिलोक सिंह बाजवा ने कहा कि नायक देशराज जैसे वीर जवानों के कारण ही देश सुरक्षित है। हमें देश की सेना पर गर्व है। इससे पूर्व शहीद की याद में एक विशेष धार्मिक सत्संग का आयोजन किया गया जिसमें स्वामी प्रकाशानंद ने प्रवचन से लोगों को निहाल किया। इस दौरान शहीद के परिजनों सहित अन्य कई लोग भी मौजूद थे।
रत्नचंद का शहीदी दिवस मनाया
रामगढ़। सीमावर्ती गांव नंदपुर में रत्नचंद का 21 वां शहीदी दिवस सोमवार को मनाया गया। वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में दुश्मनों से लोहा लेते समय वह शहीद हो गए। वह 12 जेकलाई के सिपाही थे। उनका शहीदी दिवस पर लंगर भी लगाया गया। गोरखा रेजिमेंट के जवानों ने शहीद को सलामी दी। स्थानीय लोग डॉ. कुलदीपक, डॉ. बूटी राम, टिंकू चौधरी, शुवाश सिंह, बलवंत चौधरी, ताराचंद, बचन लाल ने उनकी आत्म शांति की प्रार्थना की। संवाद