श्रीमद् भागवत कथा के दौरान प्रवचन देते वलवीर शास्त्री जी महाराज
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आरएस पुरा। सर्व भो सनातन धर्म एवं रामय मंडली की तरफ से वडियाल काजिया -चकरोइ रोड पर स्थित संगम पैलस में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में स्वामी बलवीर शास्त्री ने प्रवचन से भक्तजनों को मंत्रमुग्ध किया। उन्होंने कहा कि कथा के श्रवण से मानव मन में परमात्मा के प्रति प्रीत का उदय होने के साथ आचरण शुद्ध होता है।
आचारवान पुरुषों वेद सूक्ति का विवेचन करते हुए कथा वाचक ने कहा कि आचरणवान चलता-फिरता वेद रूप होता है, और भगवान की कथा मनुष्य को यह स्वरूप प्रदान करने में पूर्ण समर्थ है। श्री सच्चिदानंद का शाब्दिक विग्रह करते हुए कथा व्यास ने कहा कि भगवान सर्वकालिक, चैतन्य और ज्ञान वान है। संसार के सभी सुख अस्थायी और क्षणभंगुर हैं, किंतु ईश्वर के सानिध्य से प्राप्त होने वाला सुख शाश्वत होता है। श्रीमद्भागवत कथा अंधकार से प्रकाश अर्थात अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाती है। भगवान के स्वभाव का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि दैहिक, दैविक और भौतिक तापों से उनकी कथा सबकी रक्षा करती है। आज लोगों के पास भगवान के नाम का जाप करने का समय नहीं। उन्होंने कहा कि हर एक प्राणी को भगवान को आराधना करने से परिवार पर सभी प्रकार के कष्ट दूर चले जाते हैं। बच्चों को पूजा करने के साथ सनातन धर्म का उत्थान करने के लिए कहा ताकि बच्चों को इसका ज्ञान हो सके। सर्व भो सनातन धर्म एवं रामायण मंडली के जोगिंद्रपाल रैना, सेवानिवृत्त कैप्टन पंडित कुंदन लाल शर्मा ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा भारत भूमि की रक्षा करने पर शहादत देने वाले वीर जवानों की आत्म शांति व दुनिया व देश में फैली कोरोना महामारी दूर करने के लिए किया जा रहा है।