प्रवचन देते परमपूज्य स्वामी श्री उमेशानंद
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आरएस पुरा। सीमावर्ती गांव बेरा स्थित श्रीराम मंदिर में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा श्री रघुनाथ धाम भोजपुर से कथा वाचक स्वामी उमेशानंद ने सोमवार को भागवत की पूजा करने और सत्संग में कथा का श्रवण करने का महत्व बताते हुए संगत को निहाल किया। उन्होेंने कहा कि सत्संग में संतों की संगत करने से मानव जीव को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसलिए हर किसी को थोड़ा समय निकाल कर सत्संग में आना चाहिए। भगवान के नाम का जाप करने के लिए धन खर्च नहीं करना पड़ता। जो लोग भगवान की शरण में जाते हैं भगवान सदा उन पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं। आज हर प्राणी लोभ, क्रोध व मोयमाया में फंसकर रह गया है। इस सांसारिक दुनिया से अगर कोई अपने साथ लेकर जाता है तो कर्म। हर एक प्राणी को अच्छे कर्म करने चाहिए। यह तभी संभव है अगर भगवान की शरण में रहकर उसके नाम का स्मरण किया जाए।
कथा स्थल पर महंत गोपाला नंद महाराज, विजय चिब सहित भागवत कथा के लिए गठित कमेटी के सदस्य और संगत मौजूद थी।