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Jammu News: कशूर रिवाज में 10 हजार युवतियों ने एक साथ पेश किया कश्मीरी लोक नृत्य

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-बारामुला के प्रो. शौकत अली इंडोर स्टेडियम में सांस्कृतिक उत्सव में बना विश्व रिकॉर्ड
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- सेना, जिला प्रशासन और इंद्राणी बालन फाउंडेशन ने स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में करवाया कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
बारामुला। बारामुला की 10,000 युवतियों ने ''''कशूर रिवाज'''' सांस्कृतिक उत्सव में सबसे बड़ा कश्मीरी लोक नृत्य प्रस्तुत करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। यूनिवर्सल रिकॉर्ड्स फोरम ने इसे विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दी है। कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को सेना की डैगर डिवीजन, बारामुला जिला प्रशासन और इंद्राणी बालन फाउंडेशन ने मिलकर 78वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में किया।
प्रो. शौकत अली इंडोर स्टेडियम में पारंपरिक नृत्य, संगीत, सुलेख और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से कश्मीर की परंपराएं देखने को मिलीं। मुख्य आकर्षण रौफ नृत्य रहा। एक प्रतिभागी ने बताया कि हम एक महीने से अभ्यास कर रहे थे। डीसी मिंगा शेरपा के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने कार्यक्रम का संचालन किया। जम्मू-कश्मीर सांस्कृतिक विभाग, पुलिस और गैर सरकारी संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम के साक्षी बने। चिनार कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई मुख्य अतिथि और डैगर डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल राजेश सेठी के साथ बारामुला ब्रिगेड कमांडर ब्रिगेडियर रजत भट्ट विशेष रूप से शामिल हुए।
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पुनीत और जाह्नवी बालन के नेतृत्व में इंद्राणी बालन फाउंडेशन ने बारामुला में विभिन्न विकास और सांस्कृतिक गतिविधियों में अपनी भागीदारी जारी रखते हुए इस पहल का समर्थन किया है। फाउंडेशन के एक पदाधिकारी ने बताया कि यह नागरिक-सैन्य-उद्योग और युवाओं के बीच रचनात्मक जुड़ाव व सहयोग का एक शानदार उदाहरण है।
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इन कलाकारों ने भी लूटी महफिल



उत्सव में स्थानीय कलाकारों ने कश्मीरी कलात्मकता और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इश्फाक हामिद भट्ट (13) ने रुबाब पर कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री बाल पुरस्कार, 2024 से सम्मानित इश्फाक कश्मीरी संगीत परंपराओं को संरक्षित करने के लिए अपनी प्रतिभा और समर्पण के लिए प्रसिद्ध हैं। प्रसिद्ध संतूर वादक नसीर अहमद मीर ने भी प्रस्तुति दी। संतूर वादन की कला के लिए उन्हें 2021 में कश्मीर विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने स्वर्ण पदक से सम्मानित किया था। 70 वर्षीय सुलेख विशेषज्ञ बारामुला के शफी मीर ने मुख्य अतिथि को मौके पर ही बनाई जटिल सुलेख कृति भेंट की। चिनार युवा केंद्र के ''''स्ट्रिंग्स ऑफ बारामुला'''' बैंड के प्रदर्शन ने भी तालियां बटोरीं।
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