युवा हिंदी लेखक संघ की तरफ से आयोजित साहित्यिक गोष्ठी में भाग लेते साहित्यकार व कवि। श्रोत संघ
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। युवा हिंदी लेखक संध युहिले कार्यालय में साहित्यिक गोष्ठी हुई। इसमें नामचीन लेखकों ने कविताओं के माध्यम से वर्तमान व्यवस्थाओं पर चोट की। साहित्यकार अशोक कुमार ने कहा कि कविता की रचना प्रक्रिया व उसकी बनावट पर चिंतन की जरूरत है। वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में हिंदी कविता व उसके सरोकारों को लेकर गंभीरता से चिंतन की जरूरत है। गोष्ठी में रंजीत कुमार, सुनील कुमार, मेहनाज बेगम, मोहम्मद सुलेमान ने कविताएं सुनाईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार पुरुषोत्तम कुमार ने की। उन्होंने कहा कि युवाओं को अधिक से अधिक कविताओं, साहित्य को पढ़ने की जरूरत है। माैके पर रंजीत कुमार, नरेश शर्मा, जूही द्विवेदी, राकेश अबरोल, कल्पना जसरोटिया आदि मौजूद थे।