जम्मू। परिवार, नगर, समाज में सब लोग मिल-जुलकर रहें। इससे संसार में शांति आएगी और सुख-समृद्धि आएगी। ये प्रवचन श्रीश्री 1008 स्वामी हरि चैतन्य पुरी ने ब्राह्मण सभा में महासम्मेलन के दौरान किए। संसार एक मेला है, मेले का अर्थ ही मिलाप है। मेले में जाकर तो आनंद आता है, लेकिन यदि मेलों में ठीक से चलना, बोलना, व्यवहार न आए तो मेला झमेला बन जाता है।
संसार रूपी मेले में भी अधिकांश लोगों के जीवन में आनंद, उत्साह और उमंग दिखाई नहीं देती। लगता है लोगों के लिए भी यह संसार रूपी मेला झमेला बन चुका है। चैतन्य पुरी ने कहा, इस सांसारिक रूपी मेले में हम मिलें और मिलकर एक हो जाएं। इससे आपसी तालमेल बढ़ेगा। साथ ही दुख-दर्द भी दूर हो जाएंगे।
उन्होंने चार प्रयागराजों का वर्णन किया। ध्यान की एकाग्रता के लिए एक ईष्ट का चुनना बहुत आवश्यक है। अंतरमन में अपने ईष्ट का ध्यान करते हुए बाहर सभी का सम्मान, पूजा व ध्यान कर सकते हैं। ईष्ट को सर्वोपरि मानें और उसके प्रति निरंतर प्यार बढ़ाते रहें। जीवों पर करुणा व दया बरसाएं। इससे समाज का कल्याण होगा। मौके पर पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता, पूर्व राज्य मंत्री प्रिया सेठी, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष युद्धवीर सेठी, अनुराधा चाढ़क, भाजपा नेता राजीव चाढ़क, जैकफेड के पूर्व चेयरमैन मनीष शर्मा भी मौजूद रहे।
मोमबत्तियां जला निकाला शांति मार्च
जम्मू। क्रिश्चियन फेलोशिप ट्रस्ट ने सभी समुदायों के बीच शांति, सद्भाव के लिए मोमबत्तियां जलाकर शांति मार्च निकाला। फादर कुरिकोस और रेव विजय कुमार के नेतृत्व में चर्चों में मोमबत्ती जलाईं गईं। फादर कुरिकोस ने सरकार से सभी धर्म समुदायों के बीच शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए पर्याप्त उपाय करने का आग्रह किया। संवाद