जम्मू। प्रभु की कथा सुनने से काफी लाभ मिलता है। मान्यता है कि कथा श्रवण से सभी दुखों से मुक्ति मिली है। यह ज्ञान श्री आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सरोज भारती ने संगत को दिया।
शनिवार को दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से मिश्रीवाला के सीएस रिजॉर्ट में चार दिवसीय श्री हरि कथा का आगाज हुआ। पहले दिन साध्वी सरोज भारती सहित अन्य संतों ने प्रभु की महिमा का गुणगान किया। साध्वी ने कहा कि मानव जीवन प्राप्त कर ईश्वर की भक्ति से विमुख होना जीवन की सबसे बड़ी हानि है। श्री हरि कथा मानव मन में अज्ञानता को मिटाकर ईश्वर प्राप्ति की जिज्ञासा उत्पन्न करती है।
साध्वी संदीप भारती, साध्वी सतिंदर भारती और दीप सहगल ने भजन सुना कर संगत को झूमने पर मजबूर कर दिया। कथा प्रसंग के द्वारा साध्वी ने बताया की संत नामदेव का चरित्र अत्यंत प्रेरणादाई है। उन्होंने अनेकों बार भगवान विट्ठल को अपने प्रेमाभाव से प्रतिमा में से प्रकट होने के लिए मजबूर कर दिया। समय के साथ नामदेव की उम्र के साथ भक्ति में भी प्रगाढ़ता आती रही। भगवान विट्ठल के मार्गदर्शन में ही नामदेव पूर्ण संत की शरण में जाकर ब्रह्म ज्ञान की दीक्षा प्राप्त करते हैं। इस मौके पर स्वामी सुचेतानंद, स्वामी हरिदास आनंद, स्वामी सुकर्मा नंद और नारायण सिंह विशेष तौर पर मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन आरती के साथ हुआ। इसके बाद लंगर का भी आयोजन किया गया।