फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कलाकारों ने दिया दिवाली पर प्यार और उपहार बांटने का संदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। पर्यावरण में बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय है। इसका बढ़ता स्तर कई बीमारियों का कारण बन रहा है। सरकारें प्रदूषण कम करने के प्रयास तो कर रही हैं, लेकिन बिना जन सहयोग के इसे खत्म नहीं किया जा सकता। प्रदूषण के विरुद्ध शुरूआत से काम करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में परेशानी कम उठानी पड़े। इस बार दीपावली पर कलाकारों ने भी ग्रीन दिवाली मानने का फैसला लिया है। साथ ही पर्व पर प्यार और उपहार बांटने का संदेश दिया है। बढ़ता प्रदूषण मनुष्य के लिए कोरोना महामारी के बीच और ज्यादा हानिकारक है।
विज्ञापन

----
जम्मू शहर में भी प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। त्योहारी सीजन में प्रदूषण का स्तर आम दिनों के मुकाबले अधिक होता है। ऐसे में हम सबको एक जागरूक नागरिक बनकर दीपावली पर पटाखे नहीं चलाने चाहिए। पटाखों से निकलने वाला धुआं कई प्रकार की बीमारियों को पैदा करता है। इससे सांस, दमा, एलर्जी, फेफड़ों से संबंधित बीमारियां बढ़ती हैं, इसलिए इस दिवाली पर पटाखे न चलाएं।
कुशल भट्ट, कलाकार
---
कोरोना महामारी के बीच प्रदूषण और जानलेवा साबित हो रहा है। कोरोना संक्रमित लोगों में फेफड़ों संबंधी बीमारी हो रही है। मैंने पिछले 15 वर्षों से पटाखे नहीं चलाए हैं, पूरा परिवार दीपावली पर सिर्फ दीप जलाता है। एक जागरूक नागरिक होने के नाते हमें अब पहल करनी होगी। पटाखों से प्रदूषण होता है और हमें यह संकल्प लेना होगा कि हम पटाखे नहीं चलाएं।
विज्ञापन

बृजेश अवतार शर्मा, कलाकार
----
मैं मेडिकल संकाय का छात्र होने के नाते पटाखे चलाने के खिलाफ हूं और सभी नागरिकों से पटाखे नहीं चलाने का आग्रह भी करता हूं। पटाखों से प्रदूषण के साथ अग्निकांड की भी घटनाएं होती हैं। वर्तमान में कोरोना महामारी फैली है, ऐसे समय में प्रदूषण का बढ़ता स्तर और जानलेवा हो सकता है। दीपावली का महत्व दीये से होता है, लेकिन पिछले कुछ समय से पटाखों का प्रचलन अधिक बढ़ता जा रहा है, जो चिंताजनक है।
गोपी शर्मा, कलाकार
----
कोविड-19 ने हमें स्वस्थ जीवनशैली का महत्व समझाया है। अगर हमारा पर्यावरण ही प्रदूषित होगा तो हम स्वस्थ जीवन की कल्पना नहीं कर सकते हैं। दीपावली पर पटाखे चलाने की परंपरा को हमें अब बदलना होगा। पटाखे चलाने से प्रदूषण का स्तर बढ़ता है, जो ठीक नहीं है। सरकार को चाहिए कि पटाखे चलाने पर प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि जम्मू-कश्मीर भविष्य में दिल्ली जैसा शहर बनने से बच सके।
चिराग आनंद, कलाकार
-----
पटाखों का शोर और फिर उससे होने वाला प्रदूषण हमें अस्पताल पहुंचा सकता है। प्रदूषण की अनदेखी करना हमें महंगा साबित हो सकता है। दिल्ली शहर हमारे पास इसका उद्धारण है। सरकार और आम लोगों को मिलकर यह लड़ाई लड़नी होगी, ताकि हम प्रदूषण को कम कर सकें। मैं इस दीपावली पर पटाखे नहीं चलाऊंगा और लोगों को भी जागरूक करूंगा।
विज्ञापन

संकेत भगत, कलाकार
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें