परगवाल में चल रहे महायज्ञ में कथा वाचक सुरेश शास्त्री सतसंग सुनाते हुये
परगवाल। श्री सहस्त्र चंडी महायज्ञ मंगलवार को विश्वशांति व जनकल्याण की मंगल कामना और माता के जयकारों के साथ संपन्न हो गया। इस अवसर पर वेदमंत्रों की रचनाओं के साथ हवन कुंड में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। विद्वान पंडितों ने वेद मंत्रों की रचनाओं के साथ यजमानों से आहुतियां दिलाई, तथा विश्व कल्याण की कामना मंत्रोचार के कारण समूचा वातावरण गुंजायमान रहा।
काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ वेदी की परिक्र मा कर मन्नत मांगी। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माता के जयकारे लगाए। महाआरती में हजारों श्रृद्धालुओं ने भाग लिया। आखिरी दिन होने पर पंडाल में सत्संग सुनने जन सैलाब उमड़ पड़ा। कथावाचक सुरेश शास्त्री ने कहा कि जीवन में सही राह पर चलने के लिए सत्संग में आना जरूरी है। इससे लोगों को ज्ञान मिलता है। सत्संग लोगों को सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है। जब तक मनुष्य को आत्मज्ञान नहीं मिल जाता तब तक सुख शांति नहीं मिलती है। सत्संग से ही आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है। इसलिए समाज में रहते हुए हर आदमी को सत्संग सुनना चाहिए। आखिर में भंडारा लगाया। संवाद