अखनूर। गांव बाले दा बाग में बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा 24 मार्च तक चलेगी। इस दौरान कलश यात्रा निकाली गई जो विभिन्न चौराहों और मार्गों से होकर निकली। प्रवचन करते हुए संत सुभाष शास्त्री ने देवी भागवत की महिमा को समझाते हुए कहा कि हमारा वेद, शास्त्र तथा पुराण हमें अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं, जिससे हम तो सुखमय जीवन व्यतीत करते हैं, अपितु समाज में कोई दुखी नहीं होता।
कथा वाचक ने कहा कि आज ज्यादातर लोग अनुशासन का पालन न कर सारा जीवन अशांति के साथ व्यतीत कर देते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के तीसरे अध्याय में अर्जुन को समझाया कि कैसे पुरुष का संग करके मानव अपना आचरण ठीक कर सकता है। इस अध्याय के सौवें श्लोक में वर्णन है कि श्रेष्ठ पुरुष जो आचरण करता है, अन्य लोग भी वैसा आचरण करते हैं। वह जो कुछ प्रमाण स्थापित कर देता है, समस्त मनुष्य समुदाय उसके अनुसार करते हैं। अंत में शास्त्री ने संगत हो अनुरोध किया कि समाज के हर क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार का विरोध करने का प्रसार लें, ताकि भ्रष्टाचार मुक्त समाज का निर्माण हो सके।
सत्संग व भंडारा 20 को
ज्यौड़ियां। खौड़ की तहसील खड़ाहबली के गांव पलेल ढगां में स्थित बाबा मेईमल देवस्थान पर लोगों की तरफ से 20 मार्च को सत्संग तथा भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इसकी जानकारी स्थानीय लोगों की तरफ से दी गई। लोगों ने क्षेत्र के लोगों से कार्यक्रम में उपस्थित रहने की अपील की है। संवाद