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पप्पी बिरादरी की मेल में लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया

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ज्यौड़ियां। जाट समुदाय की पप्पी बिरादरी की तरफ से बुधवार को मेल का आयोजन धूमधाम से किया गया। बिरादरी के सैकड़ों की संख्या में लोगों ने पहुंच कर दाती सियावती स्थान गांव (बाबा गुलू की देरियां) जटां के कोठे थाती में पहुंच कर आशीर्वाद लिया।
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मेल का आयोजन बिरादरी के प्रधान मास्टर यशपाल चौधरी की देखरेख में किया गया। इस मौके पर कैप्टन प्रेम सिंह , सूरम सिंह, बनारसी सिंह, गुरदीप सिंह, कैप्टन तरसेम सिंह, तहसीलदार वरेन्द्र सिंह, खाद्य व आपूर्ति विभाग डीओ जम्मू खमेन्दर सिंह, जेई सौदागर सिंह, खैरू राम, गिरदारी लाल, मदन सिंह, सहित बिरादरी के सभी लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। मेल के मौके पर बिरादरी के प्रधान मास्टर यशपाल चौधरी ने बिरादरी के सभी लोगों से आपस में एकता और भाईचारे को कायम रखने के लिए कहा कि उन्होंने कहा कि आपसी एकता और भाईचारे से ही समाज का विकास होता है। उन्होंने बिरादरी के सभी लोगों को एक संदेश देते हुए कहा कि मेरा सभी आग्रह है कि बड़ों का आदर और छोटों से प्रेम करने की आदत अपनाएं तो सफ़लता आपके पैर चूमेगी और मेरा बिरादरी के सभी लोगों से निवेदन है कि हर मेल में बढ़चढ़ कर भाग लें क्योंकि इससे हमारी बिरादरी के जो लोग दूसरे जिलों से आते हैं उनसे पहचान होती है। साथ ही तालमेल बढ़ता है। मेल में भंडारे का भी आयोजन किया गया।
बाबा माईमल स्थान डोरी डगेर पर मेल 19 को
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। खौड़ के डोरी डगेर गांव में बाबा माईमल देव स्थान पर 19 दिसंबर को होने वाली क्षेत्र की सबसे बड़ी और प्रसिद्ध दो दिवसीय मेल के संबंध में बुधवार को एसडीएम अनिल कुमार ठाकुर ने देव स्थान कर मेल को सफल बनाने के लिए कमेटी तथा विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की।
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एसडीएम ने अधिकारियों को मेल के दौरान अपनी-अपनी ड्यूटी पूरी इमानदारी से निभाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि मेल में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी नहीं आनी चाहिए। श्रद्धालुओं को साफ पानी, यातायात, सुरक्षा जैसी किसी भी तरह से परेशानी नहीं आनी चाहिए। बता दें कि बाबा माईमल देव स्थान पर ब्राह्मण समुदाय की उप्पल बिरादरी की मेल लगती है। इस मेल में सभी बिरादरियों के लोग भाग लेते हैं। यह मेल दो दिन लगती है। जहां पहुंचने वाले लोगों को किसी भी तरह से कोई परेशानी न आए, इसको लेकर प्रशासन की तरफ से बंदोबस्त किए जाते हैं और प्रशासन की तरफ से चार-पांच दिन से पहले ही मेल को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं। इसका सहयोग स्थानीय लोग भी करते हैं।
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