पार्षद राकेश मल्होत्रा ने बताया कि जबसे म्यूनिसिपल कमेटी का गठन हुआ है तभी से ही बंदरों को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। अब मंजूरी मिलने पर लोगों को खूंखार हो चुके बंदरों से निजात मिलेगी। हर साल बंदर करीब बीस से तीस लोग घायल कर देते हैं। इसमें अधिकतर महिला और बच्चे शामिल होते हैं।
वर्तमान डीसी जम्मू सुषमा चौहान ने 2012 मे एसडीएम अखनूर रहते हुए मेरठ से बंदर पकड़ने टीम को अनुबंध करके करीब तीन सौ बंदरों को पकड़ कर जंगलों में छुड़वाया था। कस्बे में इन दिनों करीब 250 से 300 सौ बंदर हैं।
वे झुंड में घरों की छत पर उत्पात मचाकर सामान नष्ट करने के अलावा लोगों पर हमला कर देते हैं। इस पर परिवार के सदस्य बच्चों को अकेले छतों पर नहीं भेजते। माह में करीब पांच लोग बंदर के काटने का शिकार होते हैं। यह हमले छतों और चिनाब दरिया घाटों पर करते।