जन सैलाब के बीच घर से करीब 12 बजे शहीद की शव यात्रा निकली और श्मशान घाट पर पहुंची। यहां इंडियन आर्मी के मेजर पंकज कुमार ने शहीद तरसेम लाल को सलामी दी। वहीं माता-पिता, भाई-बहन व स्थानीय लोगों ने भी पुष्प अर्पित किए। बाद में जन सैलाब के बीच श्मशान घाट पर सैनिक सम्मान के साथ अंत्येष्टि कर दी गई। मौके पर सेना के जवानों ने राउंड फायर कर शहीद को अंतिम विदाई दी। शहीद के बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी।
तरसेम के परिवार के एक सदस्य ने बताया की तरसेम में देश सेवा का जज्बा बचपन से था। यही वजह थी कि तरसेम ने सेना में शामिल होकर देश की सेवा को प्राथमिकता दी। तरसेम परिवार से मिलने सूडान से जल्दी आने वाला था। पूरा परिवार शहीद तरसेम की सलामत की आस लगाए बैठा था। उन्हें क्या पता था कि वह तिरंगे में लिपटकर घर आएगा।