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Jammu News: सदाबहार सब्जियों की खेती से रोहित के जीवन में आई बहार

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सरकारी नौकरी नहीं मिली तो खेती बनी सहारा, पॉली हाउस लगाकर कर रहे अच्छी कमाई
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क्रासर
मलानी गांव के युवक ने आधुनिक कृषि तकनीक से खुद के साथ पांच युवाओं को भी दिया रोजगार
प्रीत चौधरी
सांबा। जिले की राजपुरा तहसील के मलानी गांव के एक युवा ने यह साबित कर दिया है कि यदि आधुनिक तकनीक और दृढ़ संकल्प हो, तो पारंपरिक खेती में भी करियर की नई राहें खोजी जा सकती हैं। बीटेक की डिग्री हासिल करने के बाद, रोहित सिंह ने सरकारी नौकरी के लिए काफी प्रयास किए। जब सफलता नहीं मिली, तो उन्होंने हताश होने के बजाय अपनी पुश्तैनी खेती को ही अपनी तकदीर बदलने का जरिया बना लिया। आज सदाबहार सब्जियों की खेती से रोहित के जीवन में सचमुच बहार आ गई है।
रोहित ने कृषि विभाग से संपर्क कर सरकार की पॉली हाउस योजना की जानकारी ली और इसे अपने खेतों में स्थापित किया। इसके बाद उन्होंने पॉली हाउस के भीतर सदाबहार और नकदी सब्जियों की खेती शुरू की। आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर रोहित आज न केवल अपने परिवार का शानदार पालन-पोषण कर रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गए हैं। संवाद
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सिर्फ 45 दिनों में बंपर कमाई
रोहित ने अपनी महज एक कनाल भूमि में हाइब्रिड सीडलेस (बिना बीज वाले) खीरे की उन्नत खेती की है। यह फसल मात्र 45 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। रोहित अब हर दूसरे-तीसरे दिन मंडी में लगभग दो क्विंटल खीरा बेच रहे हैं। बाजार में इस खास खीरे का भाव 35 से 40 रुपये प्रति किलो तक मिल जाता है, जिससे उन्हें हर महीने मोटी आमदनी हो रही है।
रंगीन शिमला मिर्च और टमाटर से बढ़ी रौनक
खीरे के अलावा, रोहित अपने पॉली हाउस में टमाटर और तीन अलग-अलग किस्मों की शिमला मिर्च (पीली, लाल और हरी) की खेती भी कर रहे हैं, जो जल्द ही बाजार में आने वाली है। रोहित के मुताबिक, सदाबहार सब्जियों की मांग सालभर बनी रहती है, जिससे साल के बारह महीने अच्छी कमाई सुनिश्चित होती है।
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स्वरोजगार के साथ दूसरों को दिया सहारा
रोहित की सफलता सिर्फ उन तक सीमित नहीं है। उन्होंने इलाके के पांच अन्य बेरोजगार युवाओं को भी आधुनिक कृषि के प्रति प्रेरित किया है। वे इन युवाओं को सब्जियों की उन्नत तकनीक, सही समय पर बुवाई और फसल प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर अपने साथ काम पर रख रहे हैं। रोहित का मानना है कि यदि आज का पढ़ा-लिखा युवा आधुनिक और वैज्ञानिक खेती को अपनाए, तो उसे रोजगार के लिए भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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