संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने मंगलवार को खनन विभाग को यूटी में अवैध खनन के खतरे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही खनन के परमिटों की संख्या बढ़ाकर जनता को आवश्यक निर्माण सामग्री सुचारू रूप से उपलब्ध कराने को कदम उठाने के लिए कहा है।
मुख्य सचिव ने टिप्पणी की कि अवैध खनन पर पूर्ण रोक लगाने के लिए प्रशासन को दोतरफा रणनीति पर काम करना होगा। उन्होंने सभी क्षेत्रों को शामिल करने के लिए परमिट बढ़ाने के अलावा अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी निवारक उपाय तैयार करने के लिए कहा ताकि लोगों और सार्वजनिक परियोजनाओं को यूटी में निर्माण सामग्री की कमी का सामना न करना पड़े। उन्होंने लिथियम, बॉक्साइट या कुछ मूल्यवान खनिज ब्लॉकों की नीलामी के लिए अपनाए जाने वाले राजस्व मॉडल पर भी ध्यान दिया। डुल्लू ने सभी नीलाम ब्लॉकों को चालू करने के लिए हरसंभव प्रयास करने के अलावा खनिज ब्लॉकों की नीलामी को सुव्यवस्थित करने के लिए भी कहा।
हर माह बैठक करें डीसी
सीएस ने सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से प्राप्त मामलों पर निर्णय लेने के लिए संबंधित उपायुक्तों को हर माह बैठक करने को कहा। विभाग को नीलामी प्रक्रिया को निष्कर्ष तक ले जाने के लिए जरूरत होने पर लेनदेन सलाहकार की सेवाएं प्राप्त करने की सलाह दी। बताया कि बाजार में खनिजों की उपलब्धता को और अधिक सुचारू बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण का गठन अंतिम चरण में है। खनन सचिव रश्मि सिंह लघु और प्रमुख खनिजों की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी।