बारामुला को आतंक मुक्त बनाने में इस जवानों का अहम रोल
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जम्मू-कश्मीर के बारामुला में बुधवार को सुरक्षा बलों के साथ हुई आतंकियों की मुठभेड़ में लश्कर के 3 आतंकियों के मारे जाने के साथ ही जिले को पहला आतंकवादी मुक्त जिला घोषित किया गया। आतंक विरोधी गतिविधियों व जिले से आतंकियों के सफाए में सीआरपीएफ की 53 बटालियन का भी अहम योगदान रहा है।
सीआरपीएफ की 53 बटालियन के सीओ विनय कुमार तिवारी ने बताया कि अगर इस समय बारामुला आतंकवादी मुक्त जिला घोषित किया गया है तो उसमें उनकी बटालियन के जवानों का भी अहम योगदान है, जिन्होंने दिन रात एक कर आतंकियों के खिलाफ चलाये गए ऑपरेशन में भाग लिया।
उन्होंने बताया कि जिले में आतंकवाद के खिलाफ सीआरपीएफ, जम्मू कश्मीर पुलिस व सेना ने समन्वय के साथ काम किया। तिवारी के अनुसार पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ ने भी अपना एक नेटवर्क बनाया जहां से समय-समय पर उन्हें इनपुट प्राप्त होते हैं, जिनके आधार पर वह कार्रवाई को अंजाम देते हैं।
सभी लोग इसके लिए जम्मू कश्मीर पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों की सराहना करते नहीं थक रहे। इस बीच एसएसपी ने कहना है कि चंद आतंकियों को मार गिराना बहस करने वाली बात नहीं है बल्कि असली बहस यह है कि किस तरह के अथक प्रयास के चलते युवाओं को आतंकवाद में शामिल होने से रोका गया। इतना ही नहीं आतंकी संगठन युवाओं को अपना निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन हम भी इन मंसूबों को नकारते हुए अपने कर्तव्य के लिए प्रतिबद्ध हैं।