सांबा के निचला बेला गांव से पकड़ा गया मगरमच्छ अब जम्मू में ही रहेगा। वन्यजीव विभाग ने इसे फिलहाल जम्मू के मांडा डियर पार्क के डक क्लोजर (बतखों का बाड़ा) में रखा है, लेकिन जम्मू के नगरोटा में बनने जा रहे राष्ट्र्र्र स्तरीय चिड़ियाघर के तैयार होते ही इसे चिड़ियाघर में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
यह फैसला वन एवं पर्यावरण मंत्री के आदेश के बाद लिया गया। दिलचस्प है कि जम्मू कश्मीर सहित हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी कहीं पर मगरमच्छ नहीं होते। सांबा में मगरमच्छ कहां से और कैसे आया, इसे लेकर वन्यजीव विभाग अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाया है।
वन्य जीव विभाग के डीएफओ अमित शर्मा ने बताया कि मगरमच्छ मार्श क्रोकोडाइल प्रजाति का है, जिसका सबसे बड़ा आकार 16 फीट तक होता है। पकड़ा गया मगरमच्छ 6 फुट 4 इंच का है, जिसे सब एडल्ट श्रेणी का माना जाता है।