रामनगर कसबे के वार्ड नंबर नौ निवासी घायल सोमराज (40) की सोमवार को उस समय अचानक रहस्यमय तरीके से मौत हो गई, जब उसका मरहम-पट्टी करवा कर एक पुलिस कंस्टेबल उसे थाने पर ले जा रहा था।
पुलिस के मुताबिक इलाज से पहले सोमवार खून से लथपथ होकर खुद रामनगर पुलिस थाने पर मारपीट का केस दर्ज करवाने पहुंचा था। उसके सिर पर चोटें लगी थीं। तब एक पुलिस कांस्टेबल ने बिना वर्दी पहने उसे उपचार के लिए रामनगर उपजिला अस्पताल लेकर पहुंचा।
वहां मरहम-पट्टी करवाने के बाद कांस्टेबल फिर उसे लेकर थाने पर लौट रहा था। तभी रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। मृतक के परिवार वालों के मुताबिक आश्चर्य की बात यह है कि इलाज के दौरान सोमराज बिल्कुल ठीक था।
सोमराज की 17 वर्षीय बेटी मक्खन के मुताबिक उसके पिता शनिवार को बीमार पड़ गए थे। उन्हें रामनगर अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था। रविवार देर रात करीब दो बजे वह अस्पताल से निकले। बता रहे थे कि उसे कोई बुला रहा है।
लेकिन वह फिर लौट कर नहीं आए। मां के साथ वह अस्पताल में ही पिता का इंतजार करती रही। सोमवार की सुबह करीब नौ बजे एक पुलिस कांस्टेबल उन्हें अस्पताल लेकर आया। तब पिता के सिर से खून बह रहा था।
मक्खन ने कहा कि पुलिस वाले ने उसे पिता से मिलने तक नहीं दिया। उपचार के बाद पुलिस वाला फिर साथ ले गया। कुछ ही देर बार पिता की मौत हो गई। मृतक की पत्नी रानो देवी ने हत्या की आशंका जताई। उसने पुलिस की गतिविधि पर भी संदेह जताया।
अल सुबह खून से लथपथ पहुंचा था घर
मृतक सोमराज की भाभी ने बताया कि सोमराज तड़के पांच बजे खून से लथपथ घर पहुंचा। खून से सने कपड़े बदलने के बाद कुछ देर उसने चारपाई पर आराम किया।
वह बता रहा था कि उसके साथ किसी ने मारपीट की है। फिर वह यह कहकर निकला कि थाने पर केस दर्ज करवाने जा रहा था। मामला रहस्यमय मौत का है।
फिलहाल धारा 174 के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है। हमलावरों को बख्शा नहीं जाएगा। मृतकों का पोस्टमार्टम करवाया गया। रिपोर्ट का इंतजार है।