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'बाबा मुझे तो मुसरत की तरह नहीं काटोगे आप'

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पुंछ के मेंढर में बाप द्वारा बच्ची को काटे जाने के मामले के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। गांव की बच्चियां अपने पिता से पूछ रही हैं, कहीं उनके साथ तो ऐसा कुछ नहीं होगा जैसा उनकी सहेली मुसरत के साथ हुआ।
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इलाके के अशफाक (बदला हुआ नाम) ने बताया कि, इस घटना के बाद उनकी बच्ची ने उनसे पूछा कि कहीं उसके साथ भी तो वैसा कुछ नहीं होगा? छोटी सी बच्ची के मुंह से ऐसी बात सुनकर पिता खुद सहम गए और अपनी लाड़ली को कलेजे से लगा लिया।

डरी हुई हैं गांव की बेट‌ियां

डराना गांव में घटना के बाद जायजा लेने पहुंचे अमर उजाला के मेंढर और पुंछ प्रतिनिधियों को एक मासूम बच्ची के पिता ने यह वाकया सुनाया। वे अपनी मासूम बच्ची के सवाल को साझा करते हुए फफक-फफक कर रो पड़े।

गांव के निवासियों मोहम्मद शरीफ और मुश्ताक का कहना है कि जबसे हमारे घरों की बच्चियों ने यह सुना है कि उनके साथ स्कूल जाने वाली मुसरत को उसके पिता ने बर्बरता से काट डाला वह डरी हुई हैं।

वह कई बार ऐसे सवाल पूछती हैं कि हमारा कलेजा फटने लगता है।

जान से ज्यादा प्यारी थी मुसरत

अपनी बच्ची के गम में रो-रोकर मुसरत की मां शाहीन अख्तर का बुरा हाल है। शाहीन ने बताया कि रविवार दोपहर को वह अपने कमरे में चारपाई पर लेटी अपनी सबसे छोटी बेटी मिसबा मुस्कान को दूध पिला रही थी।

इसी बीच उसके पति के चिल्लाने की आवाज आई कि कातिलों ने मेरी बच्ची का कत्ल कर दिया। वह बदहवास सी घटना स्थल पर पहुंची तो देखा बच्ची का कटा हुआ धड़ उसके शरीर से अलग पड़ा था। यह देखते ही वह बेहोश होकर वहीं गिर गई थी।

अपने चार बच्चों रफाकत, आबिदा यासमीन, इमरान जाकिर और मिसबा मुसकान को अपने सीने से सटाए शाहीन ने बताया कि तीसरे नंबर की मुसरत उन्हें जान से ज्यादा प्यारी थी, अल्लाह ने उसे ही हमसे छीन लिया।
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डर के मारे स्कूल नहीं जा रहे बच्चे

घटनास्थल से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर स्थित प्राइमरी स्कूल बरीला में भी दिन भर वीरानी छाई रही। डर के मारे एक भी बच्चा स्कूल में पढ़ने के लिए नहीं पहुंचा, जिसके चलते शिक्षक भी स्कूल में कुछ देर रुकने के बाद अपने घरों को लौट गए।

जब 13-14 वर्ष के एक बच्चे को रोककर उससे घटना के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया गया, तो वह डर के मारे अपने घर में जा छुपा।

करीब 15 मिनट बाद वह अपनी दादी, बड़ी बहन और बुआ के साथ बाहर आया। परिवार वालों ने बताया कि बच्ची की हत्या के बाद से गांव में हर बच्चा डरा हुआ है।

गौरतलब है कि रविवार को गांव निवासी जाकिर हुसैन ने अपनी आठ वर्षीय बच्ची का सर धारदार हथियार से काट कर अलग कर दिया था, जिसके बाद से आरोपी पुलिस हिरासत में है।
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