रोशनी एक्ट के तहत जमीन स्थानांतरण में हुए घोटालों के तहत विजिलेंस आर्गनाइजेशन की ओर से लगातार केस दर्ज किए जा रहे हैं। अब विजिलेंस ने सांबा राजस्व विभाग के अधिकारियोें के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
विजिलेंस ने प्रमुख लेखाकार (लेखा परीक्षा) की ओर से जमीन स्थानांतरण के दौरान हुए घोटाले की सूचना मिलने के बाद पाया कि राजस्व विभाग में तैनात कुछ अधिकारियों ने रोशनी एक्ट के तहत जमीन स्थानांतरण करने के दौरान अपने पद का दुरुपयोग किया। इससे पहले विजिलेंस ने कुछ दिन पहले उधमपुर राजस्व विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी केस दर्ज किए थे।
शिकायत के आधार पर विजिलेंस ने जांच बैठाई। इस दौरान पाया गया कि सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से रहने वाले लोगों को गलत ढंग से जमीन का मालिकाना हक दिया गया। इस दौरान सांबा राजस्व विभाग के कई अधिकारियों ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए अनुचित तरीके से कब्जे दर्ज करने के अलावा अपर्याप्त और अधूरे दस्तावेज पर जमीन ट्रांसफर की।
इस दौरान अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार मूल्य निर्धारण समिति द्वारा तय की गई कीमतों को लागू नहीं किया गया। कई मामलों में राशि सरकारी खजाने में प्रेषित नहीं करवाई गई। साथ ही रिबन डेवलपमेंट एक्ट का उल्लंघन, सरकारी जमीन में अवैध कब्जा कर बैठे लोगों की बेदखली और सरकारी जमीन की नीलामी नहीं की गई।
विजिलेंस ने जांच के आधार पर अफसरों के खिलाफ जेएंडके पीसी एक्ट के तहत 5(1 सी और डी), 5(2) और आरपीसी की धारा 120-बी के तहत मामला दर्ज कर मामले की आगे जांच शुरू कर दी है।