राजनीतिज्ञ, पुलिस अफसर, अफसरशाह और भूमाफिया की कथित मिलीभगत से हुए जमीन घोटाले में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्टेट विजिलेंस कमिश्नर के डायरेक्टर से ताजा रिपोर्ट तलब की है। बहुचर्चित जनहित याचिका में आवेदक ने रोशनी घोटाले की सीबीआई जांच करवाने की अदालत से अपील की है।
हाईकोर्ट के जस्टिस वीरेंद्र सिंह और जस्टिस ताशी राबस्तन की खंडपीठ ने याचिका की सुनवाई के दौरान पाया कि 10 जून, 2014 को अदालत के आदेशानुसार विजिलेंस डायरेक्टर मामले की जांच पूरी कर ताजा रिपोर्ट पेश नहीं कर पाए क्योंकि उधमपुर, श्रीनगर, बडगाम और पुलवामा के डिप्टी कमिश्नर चार सप्ताह के दिए समय पर संबंधित रिकार्ड विजिलेंस को उपलब्ध करवाने में असफल रहे।
याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि इन जिलों के डिप्टी कमिश्नरों ने रिकार्ड उपलब्ध करवाया या नहीं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है, लेकिन 14 जुलाई के आदेश में इन जिलों के डीसी को अदालत ने विशेष आदेश भी दिए थे। इस पर खंडपीठ ने सीनियर एएजी गगन बसोत्रा को निर्देश दिए कि अगली सुनवाई पर विजिलेंस के डायरेक्टर की स्टेटस रिपोर्ट अदालत में पेश करें।
वहीं, गोल गुजराल मामले में मुआवजे की मांग करने वाले आवेदन पर एएजी एचएस सिद्दिकी ने रिकार्ड और कमेटी की ताजा रिपोर्ट पेश करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा। जिसमें आवेदकों के दावों की रिपोर्ट है।