जम्मू कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को पुलवामा बैंक लूट मामले में दो ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार करने का दावा किया। उन्होंने बताया कि यह दोनों स्थानीय शख्स लश्कर के लिए काम करते थे। इनके पास से कुछ नकदी भी बरामद हुआ है।
पुलिस के एक अधिकारी की ओर से जानकारी के अनुसार 8 दिसंबर को जिले की जम्मू कश्मीर बैंक की आरिहाल शाखा में आतंकियों ने करीब 12 लाख रुपयों की लूट की थी। इस मामले में आरपीसी की धारा 392 और 7/27 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत पीएस पुलवामा में एफआईआर 483/2016 दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई थी।
उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में चश्मदीदों से पूछताछ करने के दौरान सामने आया कि घटना में अबू अली नाम का विदेशी आतंकी शामिल है, जोकि 21 नवंबर को बडगाम के जम्मू कश्मीर बैंक की मलपुरा शाखा में हुई लूट में भी शामिल था। उन्होंने बताया कि आगे की जांच में पुष्टि हुई कि बैंक लूट को अबू अली, अबू इस्माइल नाम के लश्कर के विदेशी आतंकियों ने लिलहार के रहने वाले स्थानीय आतंकी आरिफ डार उर्फ रेहान की सहायता से लूट को अंजाम दिया।
अधिकारी के अनुसार मामले की छानबीन के दौरान पारिगाम के रहने वाले रमीज राजा का नाम सामने आया है। जिसे पूछताछ के लिए बुलाया गया, इस दौरान पता चला कि वह एक सक्रिय ओजीडब्ल्यू है जो लश्कर के लिए काम करता है। लूट की घटना के बाद आतंकी उसके पास नोट बदलवाने आए थे।
रमीज ने पूछताछ के दौरान एक अन्य ओजीडब्ल्यू मंजूर अहमद का नाम बताया जोकि पारिगाम का ही रहने वाला था। गौरतलब है कि इन दोनों को पुलिस ने लूट को अंजाम देने और आतंकियों की सहायता करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उनसे लूटी हुई राशि में से 1,99,000 के पुराने नोट बरामद हुए हैं। फिलहाल पूछताछ जारी है।