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मेटाडोर खाई में गिरने से दो की मौत, 24 घायल

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रामबन जिले के मारोग में रविवार को एक ट्रक ने यात्रियों से भरी मेटाडोर को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे असंतुलित होकर मेटाडोर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में दो यात्रियों की जान चली गई, जबकि 24 घायल हो गई। इनमें से छह को एयर लिफ्ट कर जम्मू पहुंचाया गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है, जबकि उसका चालक फरार हो गया।
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मेटाडोर (जेके14बी-521) रामबन बस स्टैंड से बनिहाल तहसील के अंतर्गत पड़ने वाले आलनबास के लिए सुबह करीब दस बजे रवाना हुई। मेटाडोर मात्र आठ किलोमीटर ही आगे मारोग पहुंची थी कि सामने से आ रहे एक ट्रक ने ओवरटेक करने के चक्कर में मेटाडोर को सामने से जोरदार टक्कर मार दी।

इससे मेटाडोर सौ फीट गहरी खाई में जा गिरी। संयोग यह रहा कि खाई में मेटाडोर पेड़ और झाड़ियों में जा अटकी, जिससे कई जानें बच गईं। घटना की सूचना मिलते ही क्विक रिस्पोंस टीम के सदस्य और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच कर बचाव कार्य शुरू किया।
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छह को हेलीकाप्टर से निकाला

करीब एक घंटे के प्रयास के बाद सभी दो दर्जन से ज्यादा घायलों को जिला अस्पताल रामबन पहुंचाया गया। वहां एक गंभीर रूप से घायल अब्दुल रहीम बाली निवासी गांदरी ने दम तोड़ दिया। जबकि सात गंभीर रूप से घायलों को जीएमसी के लिए रेफर कर दिया गया।

इनमें से एक सदरदीन निवासी आलनबास ने चंद्रकोट हैलीपैड पर ही दम तोड़ दिया। बाकी छह को हेलीकाप्टर की मदद से जम्मू पहुंचाया गया। चीफ मेडिकल आफिसर रामबन डॉ. सैफुद्दीन खान ने बताया कि बाकी बीस घायल का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है।

इनकी हालत खतरे से बाहर है। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी रामबन रणदीप कुमार और डीसी फारूक साह बुखारी मारोग पहुंच कर बचाव कार्यों का जायजा लिया। बाद में डीसी ने गंभीर रूप से घायल यात्री के परिवार को पांच-पांच हजार रुपये की राहत राशि दी।

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रामबन में खाई में गिरी मेटाडोर के घायलों की आंखों में अब भी खौफ है। जुबान पर एक ही सवाल है कि अगर ट्रक सामने से आकर टक्कर मार देता, तो क्या होता?। मेडिकल कालेज अस्पताल में एयर लिफ्ट किए गए घायलों से ‘अमर उजाला’ ने बातचीत कर घटना के बारे पूछा।

घायलों में एक दस साल का मासूम बच्चा भी है, जिसके चेहरे पर अब भी डर और खौफ नजर आ रहा है। प्रशासन की तरफ से एयर लिफ्ट किए जाने में देरी पर भी रोष है। मेडिकल कालेज में छह घायलों को एयरलिफ्ट कर पहुंचाया गया। इनमें फयाज अहमद, गुलजार अहमद, रघुनाथ सिंह, मोहम्मद शरीफ, आसिल फारूक और कल्याण सिंह शामिल हैं।

मोहम्मद शरीफ ने बताया कि वह चालक के साथ ही बैठा हुआ था। तभी सामने से एक तेज रफ्तार ट्रक आया। यदि मेटाडोर चालक साइड नहीं लेता तो ट्रक सामने से टक्कर मार देता। मेटाडोर साइड करने पर खाई में गिर गई और इसके बाद पता ही नहीं चला क्या हो गया।
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एयरलिफ्ट करने में हुई देरी

अस्पताल आकर होश आई तो शरीर जख्मों से छलनी हो गया था। वहीं दस साल का आसिल अपने अंकल फयाज अहमद के साथ कहीं जा रहा था। आसिल की आंखों में अब भी खौफ भरा है। वह सहमा हुआ है। किसी से बात तक नहीं कर रहा।

आसिल का अंकल फयाज भी बुरी तरह से घायल है। घायलों के साथ आए तीमारदारों से बात करने पर उन्होंने रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि दम तोड़ने वाले दूसरे घायल को यदि समय पर एयरलिफ्ट किया जाता तो उसकी जान बच सकती थी।

घायल व्यक्ति को एक्सीडेंट के तीन घंटे के बाद एयरलिफ्ट किया गया। अभी हैलीकाप्टर उड़ा ही था कि उसने दम तोड़ दिया। वहीं अस्पताल पहुंचे घायलों में सबके सिर पर गहरी चोटें आई हैं। घायलों को इमरजेंसी वार्ड में रखा गया है।
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